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प्रवीण चन्द्र रॉय (PCRoy)
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धर्मशास्त्र पर जब अर्थशास्त्र हावी हो जाता है तब ..गौ रक्षा का आन्दोलन करने वाले जूतों की दूकान खोल कर बैठ जाते हैं. - हरिशंकर परसाई .................. मार्क्स ने तो सिर्फ धर्म को अफीम कहा, मुझे तो सारी व्यवस्थाएँ अफीम लगती है। साभार: जनसत्ता # हमारा ठिकाना www.pcroy.blogspot.in
धर्मशास्त्र पर जब अर्थशास्त्र हावी हो जाता है तब ..गौ रक्षा का आन्दोलन करने वाले जूतों की दूकान खोल कर बैठ जाते हैं. - हरिशंकर परसाई .................. मार्क्स ने तो सिर्फ धर्म को अफीम कहा, मुझे तो सारी व्यवस्थाएँ अफीम लगती है। साभार: जनसत्ता # हमारा ठिकाना www.pcroy.blogspot.in

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प्रवीण चन्द्र's posts

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इश्क में रूकना था
न तू रूकी न मैं रूका... अब न इश्क है न गीत है, न जश्न है न जाम है, न उम्र है न ख्वाब है, न मौसम है न इन्तजार है।

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सपाट बदन   स्त्रीवाद नारीत्व गुणात्मक एंजेलिना पर थीसीस लिखेंगी कैम्ब्रिज की लड़कियां और हावर्ड के कुछ लड्कें  | एक स्रोत में एंजेलिना नहीं मिलेंगी तब उठाएंगे दूसरे संदर्भ ग्रंथ  | यूं कहें एक प्रमाणित स्रोत एक सारगर्भित स्रोत एक अखंडित स्रोत एक वैज्ञानिक स्...

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सपाट बदन   स्त्रीवाद नारीत्व गुणात्मक एंजेलिना पर थीसीस लिखेंगी कैम्ब्रिज की लड़कियां और हावर्ड के कुछ लड्कें  | एक स्रोत में एंजेलिना नहीं मिलेंगी तब उठाएंगे दूसरे संदर्भ ग्रंथ  | यूं कहें एक प्रमाणित स्रोत एक सारगर्भित स्रोत एक अखंडित स्रोत एक वैज्ञानिक स्...

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तीन कवितायें... परिकथा , जनवरी -फरवरी 2014 अंक में प्रकाशित ...

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दिल
तुम्हारे हमारे नन्हे दिल में छेद है  ऑखें उदास चेहरा बदहवास । प्रिय सरकार  कुछ मद्दद कर दो दिल्ली मुंबई में इलाज दे दो । सरकारी चिट्ठी में ... दिल से सोच चुनाव निकट है इस बार वोट तक अपना दिल धड़कने दे कुर्सी पर आऊंगा तुम्हारा छोटा छेद भरने में पूरा खजाना झों...

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दर्द >>>>> दर्द पुराना है पर उन्होंने छिपाया गले लगाया मजे मजे में वर्षो बाद लोकप्रियता के खण्डहर में आज दर्द बिकेगा आज दर्द हॅसेगा आज दर्द खुःश है  मजे मजे में ।

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सॉरी
जब पुरुष पुरुष को धक्का देता है तब 'सॉरी'  से काम चल जाता है \ जब महिला महिला को धक्का देती  है तब भी  'सॉरी'  से काम चल जाता है \  महिला पुरुष को धक्का देती है  तब सॉरी  कुछ ज्यादा हीं सॉरी हो जाता है \ लेकिन जब एक पुरुष महिला को धक्का देता , तब सॉरी नहीं....

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