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Madhusudan Singh
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Click here to read part..7 Images Credit : Google आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, रौंद दिया सभ्यता उसी भारत की हाल सुनाता हूँ|२ सदी सातवीं से पहले भी हमले देखे भारत ने, सहन किए हैं मुग़लकाल…
BHARAT GATHA (Part-8)
BHARAT GATHA (Part-8)
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कल रोते तो आँसूं नजर आते थे अब तो दर्द में भी मुस्कुरा जाते हैं मिल लिया करते कल जब भी इच्छा होती, अब तो सपने भी पीछा छुड़ा जाते हैं, जिंदगी है कल कच्चे थे टूटकर भी जुड़ जाते थे, मगर अब टूटने पर कहाँ जुड़ पाते हैं। !!!मधुसूदन!!! kal rote to aansoon najar ……
Quotes…27
Quotes…27
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Click here to Read Part ..6 Image Credit : Google. आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, रौंद दिया सभ्यता उसी भारत की हाल सुनाता हूँ|२ बौद्धों का गांधार नगर,थे ब्राम्हण राजा हिन्द के, बार-बार…
Bharat gatha (Part.7)
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Image Credit: Google अगर जानते हम तेरा हस्र ऐसा तो, पत्थर कलेजा बना लेते बिटिया, अगर नर्क मिलता उसे भोग लेते, मगर गर्भ में ही मिटा देते बिटिया, दुसह दर्द से हम बचा लेते बिटिया।। मौन लब तेरे और बन्द आँखे तुम्हारी, तड़प,वेदना,चीख कह जाती सारी, कई दुष्टों के…
CHEEKH/चीख
CHEEKH/चीख
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Image Credit: Google गुनाह तेरा लब खामोश मेरी, तेरे वहशीपन पर उड़ी होश मेरी, क्या कहें ये तेरी कैसी बेहयाई है, तेरे इस कुकृत्य से पूरी मानवता शरमाई है, तेरे इस कुकृत्य से पूरी मानवता शरमाई है। एक को भूल नही पाते,दूसरा सामने आ जाता है, अपनी मर्दानगी का…
KAALIKH/कालिख
KAALIKH/कालिख
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माना की रानी पद्मावती, राजपूतों की शान थी, उसके पहले वह हिन्दुस्तानियों की आन थी, खूबसूरत होना कोई पाप नहीं, ना ही नारी होना गुनाह, कहते हैं डोली में बैठते ही नारियाँ, किसी और की हो जाती है, फिर उसे पाने की लालसा बेहयाई मानी जाती है, मगर खिलजी, उसने तो…
MANSIKTA/मानसिकता
MANSIKTA/मानसिकता
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Image Credit : Google. है जीवन अपना दो दिन का हँस ले इसमें है रोना क्या, क्या लेकर आये जग में है फिर खोना क्या, क्या लेकर आये थे फिर यारा रोना क्या| संग बचपन था कल चला गया, यौवन भी छोड़ के जाएगा, जो हँसकर आये पास मेरे, एक दिन वह रूठ के जाएगा,, … Continue…
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Image Credit : Google अपनों को थे छोड़ के हमने लाखो ख्वाब सजाये, गिरे जमीं पर टूटे सपने अपने मिल ना पाए, कोई कब्र में ढूँढ रहा अब राख में कोई ढूंढे, भरी हुयी आँखों में आँसूं टपक रही कुछ बुँदे, काट पेट अपना जिसने था जिसको दिया निवाला, बदकिस्मत वे लोग नहीं…
KHWAB/ख्वाब
KHWAB/ख्वाब
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कितने जुड़ते हैं संग कई रूठ जाते हैं, कितने सपने साकार होकर टूट जाते हैं, हँस ले जब तक जमाना हँसाये तुझे, रो ले जब दर्द दिल को सताए तुझे, कभी आँखों से आँसूं भी रूठ जाते हैं, कितने सपने साकार होकर टूट जाते हैं। !!!मधुसूदन!!! kitane judate hain sang kaee…
Sapne/सपने
Sapne/सपने
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प्रेम तो बहती नदियों के जल की तरह है कहीं भी जा सकता है, ये अलग बात है कि लोग सारे प्रेम में बस एक ही रिश्ता देखते हैं, बन्धन इंसानों को बाँध सकती है उनको मौन कर सकती है मगर दिल को नहीं। !!!मधुसूदन!!! prem to bahatee nadiyon ke jal kee tarah hai kaheen ……
Bandhan/बन्धन
Bandhan/बन्धन
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