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Kusum Thakur
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भल हरि भल हरि( महेशवाणी आ नचारी )
भल हरि भल हरि भल तुअ, कला। खन पित बसन खनहि बघछला ।। खन पंचानन खन भुजचारि । खन शंकर खन देव मुरारि ।। खन गोकुल भय चराई गाये । खन भिखि मांगिए डमरू बजाए ।। खन गोविद भए लेअ महादान। खनहि भसम भरू कांख बोकान ।। एक सरीर लेल दुइ बास। खन बैकुंठ खनहि कैलास।। भनहि विद्य...

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साल नया फिर इक आया
  "साल नया फिर इक आया " साल नया फिर इक आया न कहता वह क्या-क्या लाया आशा है भरपूर कहीं यह भी न हो शूल बंद पिटारे अब खुलने हैं आस लगाए सब बैठे हैं क्या होगा अब भी दूर कहीं यह भी न हो शूल देख जिसे सब खुश होते सपने भी सब सच लगते अब हो गए हमसे दूर कहीं यह भी न ह...

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साल नया फिर इक आया
  "साल नया फिर इक आया " साल नया फिर इक आया न कहता वह क्या-क्या लाया आशा है भरपूर कहीं यह भी न हो शूल बंद पिटारे अब खुलने हैं आस लगाए सब बैठे हैं क्या होगा अब भी दूर कहीं यह भी न हो शूल देख जिसे सब खुश होते सपने भी सब सच लगते अब हो गए हमसे दूर कहीं यह भी न ह...

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सरस्वती वंदना
माँ शारदे कहाँ तू वीणा बजा रही है,  किस मंजू गान से तू जग को लुभा रही है। किस भाव में भवानी तू मगन हो रही है,  विनती नहीं हमारी माँ क्यों तू सुन रही है। हम दिन बाल कब से विनती सुना रहे हैं, चरणों में तेरी माता हम सिर झुक रहे हैं। अज्ञानता है हम में वो शीघ्र...

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Bagiya (बगिया, A Maithil Dish)
Preparation Time : 30 minutes Cooking Time : 30 minutes Ingredients : chaval atta (rice powder) - 500 gms. khoya - 250 gms sugar - 4 table spoon milk - 2 liters cardamom powder - 1/2 tea spoon Method : Boil 2 cups of water in a kadai, put chaval atta in it ...

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मिथिला पंचांग 2016 - 2017
MITHILA PANCHANG मिथिला पंचांग 2016 - 2017

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वामन वृक्ष
" वामन वृक्ष " वामन वृक्ष करे पुकार , झेल रहा मनुज की मार । वरना मैं भी तो सक्षम , रहता वन मे स्वछंद । देख मनुज जब खुश होते , मेरी इस कद काठी को । कुढ़कर मैं रह जाता चुप , किस्मत मेरी है अभिशप्त । बेलों को तो मिले सहारा , पेडों को मिले नील गगन । पर हमारी कि...

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झलक दिखाने आ जाओ
'झलक दिखाने आ जाओ' पलभर को कहीं गफलत ही सही, चेहरा तो दिखाने आ जाओ तुम बुझे हुए नयनों के इन पलकों में समाने आ जाओ प्रिय रुठे क्यों हो तुम अब तक बोलो कैसी है मजबूरी ये  बेचैनी मैं कासे कहूँ एहसास जगाने आ जाओ हो दूर मगर तुम जुदा नहीं आंसूं का साथ हुआ अपना तन्...

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"सावन आज बहुत तड़पाया" फिर बदरा ने याद दिलाया पिया मिलन की आस जगाया तड़पाती है विरह वेदना सोये दिल की प्यास बढ़ाया कट पाये क्या सफ़र अकेला बस जीने की राह दिखाया पतझड़ बीता और वसंत भी सावन आज बहुत तड़पाया आदत काँटों में जीने की जहाँ कुसुम हरदम मुस्काया -कुसु...

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इक झलक दिखाने आ जाओ
'इक झलक दिखाने आ जाओ' पलभर को कहीं गफलत ही सही, चेहरा तो दिखाने आ जाओ तुम बुझे हुए नयनों के इन पलकों में समाने आ जाओ प्रिय रुठे क्यों हो तुम अब तक बोलो कैसी है मजबूरी ये  बेचैनी मैं कासे कहूँ एहसास जगाने आ जाओ हो दूर मगर तुम जुदा नहीं आंसूं का साथ हुआ अपना ...
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