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omkanwar godara's profile photo
 
31.12.2011
To,
> The Hon’ble/Excellency Prime Minister
> Govt. of India
> South Block,
> New Delhi
>
> Sub : Irresponsible and negligent attitude regarding the duty of Police officials of Police Station, Dabri and Crime Branch not Justice to the victim, Victim is a ex-serviceman.
>
> Most Respectfully Sir:
>
> That myself is Om Kanwar Singh S/o Sh. Rishal Singh R/o RZ-62, B-Block, Gopal Mandir Road, Dabri Extn. (East), New Delhi – 110045. I am an ex-serviceman and I am very peace loving citizen of Indian and having good roots in our society.
> एक तरफ तो हर नेता ,IAS , IPS भ्रस्टाचार को खत्म करने की बात कर रहा है दूसरी तरफ एक भ्रस्ट अधिकारी की शिकायत करते मुझे 3 साल हो गए कोई शिकायत सुनने को भी तैयार नहीं है ?
> 1. That my daughter was kidnapped on date 12/11/2008 , 3 years ago. The Police official of Police Station Dabri, Sagar Pur & Crime Branch is neither doing proper investigation nor taking concrete action in this context. Even though I had given number of information and suspected persona namely to the Police official of Dabri, Sagar Pur & CRIME BRANCH.
> 2. The police official has not even called the suspected person for inquiry regarding the abducted person. That the abducted person was the tenant of Joginder’s house. The landlord Joginder & Jagdish Yadav must be having information about his roots even though the landlord has not fill up the verification form from where I would have got to know about the abducted person. The police has not given the results regarding the person who was involved.
> 3. The police has not inquired about the suspected accused from the land lord (Mr. Joginder & Jagdish Yadav). The land lord even though has not fill up the tenant verification form and police has not taken any action against the land lord (Mr. Joginder & Jagdish Yadav) for this offense and I have already filed the numbers of the R.T.I. application against the police and I gave a numbers of application and representation to the commissioner of Police and home minister and Lieutenant Governor. So the police is neither taking any concrete action nor carved out any important investigation in this context.
> 4. The criminal sunil soni was working in HCL & IBM on a fake identity . After know the knowledge of this fact, police did not took any step against the company for their carelessness the neither tried to take any information from the company and police did not even questioned. The friend of the criminal on fake identity he working.
> Police conducted the test like a formality by asking question which were irrelevant about the case and which were no use so the polygraph test was of no use.
> 5. Police disclose own report, the girl has tried to register in District Marriage Center Kapashera , Delhi . In this report is completely false and the father of kidnapping girl has given clarification in previous letter.
> The police station ,Dabri, publish the news paper on dated 10.05.2009 in Punjab Kesari on Mahanagar page. In this news the police did not mentioned the telephone number of the police station and not only mobile number and even the wrong name of the kidnapping girl`s father not clear the photograph of the kidnapping girl`s.
> 6. The lackadaisical attitude of the police has rendered my daughter untraceable due to the irresponsibility on the part of police official at Dabri Police Station & Crime Branch.
>
> 7. That after 3 years have posted without any development because I have not gouty any justice from the Delhi High Court and the Police has not cooperated with me in any way. Whatsoever therefore I, request you that the case shall be handed over to the C.B.I. or any special cell or any competent authority.
> 8. मैंने 16 .11 .2010 को PIO दिल्ली पुलिस आयुक्त से RTI कानून के तहत सूचना मांगी थी की मेरी लड़की प्रियंका का गुमसुदगी का विज्ञापन किस समाचार पत्र में दिया गया है और उस पर क्या ईनाम रक्खा है ! इसका जवाब जन सूचना अधिकारी, अपराध शाखा के पत्र संख्या 3048 / PIO अपराध व रेलवे दिल्ली 24 .12 .2010 से मिला लिखा था ``ईनाम इस समय विचाराधीन है``! लेकिन मैंने अपील लगाई तो पत्र संख्या 763 64 / PIO /अ दिनांक 18 .03 .2011 से जवाब मिला ``प्रियंका पर 5000 / का ईनाम,जो की पुलिस मुख्यालय, नई दिल्ली के आदेश संख्या 5646-57 .सी एंड टी./ए सी /111 दिनांक 17 .02 .2010 था, उसकी अवधि अब समाप्त हो चुकी है! फिर भी 25000 /- के ईनाम हेतु पुलिस मुख्यालय,नई दिली को इस कार्यालय के पत्र संख्या 3281 /SO /DCP /C &R दिनांक 04 .03 .2011 द्वारा एक निवेदन किया जा चूका है ``! अभी आप दिल्ली पुलिस के इन पत्रों को देख कर अंदाज लगा सकते है की दिल्ली पुलिस कितनी गमभिरता से मेरी लड़की की तलाश कर रही है ? जो ईनाम जाँच अधिकारी को भी नहीं पता उस ईनाम का क्या फायदा ? और ईनाम घोषित किया गया था तो उसे किसी अखबार
> या TV मेंक्यों नहीं दिया गया ? यह इसलिए नहीं दिया गया क्योकि पुलिस चाहती है कही मेरी लड़की का
> पता न चल जाये ? क्योकि पुलिस पहले भी ऐसा करती रही है ! दिल्ली पुलिस केवल कागजो में मेरी लड़की की तलाश करके खाना पूर्ति कर रही है ! और अपनी बात को ऊपर रखना चाहती है ताकि मेरी लड़की ना मिले और पुलिस के भ्रष्ट लोग बच जाये !
> 9. जहा तक हमने अपने लेवल पर जाँच की है उससे पता चलता है की ये एक मानव तस्करी का गिरोह है और इसमें दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारी भी शामिल हो सकते है इसी लिए पुलिस मामले को दबाने में लगी है ताकि सच्चाई का पता ही ना चले और भ्रष्ट अधिकारी भ्रस्टाचार करते रहे !
> 10.. नन्द लाल डोगरा ने .04.05.2007 को फ़ोन पर मेरी पत्नी को धमकी दी थी की मै तेरी लड़की को उठवा दूंगा लेकिन पुलिस ने कोई कारवाही नहीं की ! नन्द लाल डोगरा ने 4 साल हो गए मेरे ऊपर अब तक 4 झूठे मुकदमे कर चूका है , 4 में से मै 2 मुक़दमे जीत चूका हु !वह भी मेरी लड़की के अपहरण में शामिल है लेकिन पुलिस उसी बात को लेकर बैठी हुई है की इस पर तो दीवानी मुकदमा चल रहा है ! और जोगेंदर को झूठा गवाह बना रखा है ! और कोई शिनियर ऑफिसर पूछता है या कहीं लिख देना होता है तो पुलिस लिख देती है की ``ओमकंवर सिंह हमारे साथ जिद्द कर रहा है की पुलिस जोगेंदर को दबाव दे की वह मेरे खिलि!फ गवाही न दे``! जबकि पुलिस वाले फाइल को खोल कर भी नहीं देखते ! जोगेंदर@जग्गूयादव 29.05.2010 को श्री विनोद यादव (SCJ/ RC ) की कोर्ट में गवाही दे चूका है, जिसकी प्रति मै 26.08.2010 को ACP राज पाल के सामने जाँच अधिकारी इंस्पेक्टर दल वीर सिंह के हाथ में दे कर आया था, जिसमे ज्यादातर तथ्य झूठे है !अगर कोई अपराधी अपराध करके किसी के खिलाफ गवाह बन जाता है तो क्या उसे अपराध करने का लाइसेंस मिल जाता है ? मेरा नाम ओमकंवर सिंह और नन्द लाल डोगरा ने ओम सत करतार के ऊपर मुक़दमा किया हुआ है ! नन्द लाल डोगरा के मुताबिक `` जो आदमी टेढ़ साल तक मेरे मकान में रहा उसे मकान मालिक का नाम तक नहीं मालूम ``? और SI नर सिंह के द्वारा इसकी जाँच भी की जा चुकी है !
> 11. श्रीमान जी, अगर जोगेंदर मेरे खिलाफ पहले ही गवाह था तो नन्द लाल डोगरा ने 20.01.2009 को श्री विनोद यादव (SCJ/RC ) की कोर्ट से जोगेंदर के गवाह बनने की इजाजत लेने के लिये प्रार्थना पत्र क्यों दिया ? (प्रति सल्गन )Picture 065.jpg.अगर जोगेंदर ईमानदार है और मेरी लड़की के अपहरण में शामिल नहीं है तो जब मैंने माननीय हाई कोर्ट में 24.11.2008 को उसके खिलाफ मुक़दमा किया तो हाई कोर्ट से 5 बार नोटिश आये तो हाई कोर्ट में पेश क्यों नहीं हुआ ? माननीय हाई कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया तब वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ, और उसे पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके क्यों ले जाना पड़ा ?
> 12. मै और मेरी पत्नी 21.04.2010 को पुलिस आयुक्त से मिले तो उन्होने हमारी कोई बात नही सुनी और हमारे साथ बदतमीज़ी से बात की , और कहा जो कुछ है लिख कर दे जाओ जिसकी शिकायत मैने 12.7.2010 ग्रह मंत्री से की लेकिन अभी तक कोई क!रवाही नही की गयी और ना जो मैंने लिख कर दिया था उस पर अभी तक कोई कारवाही की गयी ! एक दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ये नहीं मालूम की औरतों से कैसे बात की जाती है ? उसके नीचे काम करने वाले ऑफिसर का क्या हाल होगा ये आप समझ सकते है ? पुलिस ने उच्च न्यायलय को भी गुम राह किया है !
> 13. ACP MC कटोच ने PGC को लिख कर दिया है की मै अपराध शाखा से जिद कर रहा है की पुलिस जोगेंदर पर दबाव डाले की वह मेरे खिलाफ गवाही न दे ! जबकि जोगेंदर 29.05.2010 को श्री विनोद यादव SCJ/RC की कोर्ट में गवाही दे चूका है ! और ACP MC कटोच अपराध शाखा के AKS सेक्सन में फरवरी 2011 में आये है ! और न ही आज तक ACP MC कटोच ने मेरे को देखा है ! तो वह किस आधार पर मेरे ऊपर ये आरोप लगा रहे है ? इसकी जाँच कराई जाये ! जब इतने बड़े अधिकारी ही अपराधियों की तरफ दारी करेंगे तो अपराधियों को कोन पकड़ेगा?
> 14. एक तरफ तो पुलिस कत्ल के केश में कातिल के पता चलने से पहले ही प्रेस कोंफ्रेश करके सब बताती है एक तरफ ढाई साल हो जाने के बाद भी बहाने बाजी करती है ! RTI के जवाब में लिखते है RTI की धारा 2(f ) में नहीं आता है तो कभी लिखते है RTI की धारा 8(1)h के अन्दर आता है ,कभी लिखते है RTI की धारा 8(1)g के अन्दर आता है कभी लिखते है RTI की धारा 8(1) J के अन्दर आता है इसलिए सूचना नहीं से सकते ! जब की CIC ने भी कहा है की जो शिकायत करता सूचना मांगता है वह सूचना इसे दे जाये !
> 15. सुनील सोनी के साथ एक लड़का राजीव भी उसी के साथ गायब है मेरे बार बार अनुरोध करने के बाद भी पुलिस राजीव की तलाश नही कर रही है. मे अब तक 100 से ज़्यादा आर.टी.आइ. 96 पत्र और 400 से ज़्यादा मेल कर चुका हू ! लेकिन पुलिस वालो के कान पर जु नही रेंगती .
> 16. 14.11.2008 को अपहरणकर्ता का फ़ोन आया था हमने उसी समय SI नर सिंह बताया, लेकिन पुलिस ने कोई कारवाही नहीं की !
> 17. इंस्पेक्टर दल बीर सिंह ने माननीय मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट श्री जगमिंदर सिंह की कोर्ट में 08.04.2011 को ये लिख कर दिया है की`` ओमकंवर सिंह पुलिस से हठ कर रहा है की पुलिस जोगेंदर सिंह पर दबाव डाले की
> वह मेरे खिलाफ गवाही न दे`` ! जबकि जोगेंदर 29.05.2010 को गवाही दे चूका है और उसकी प्रति मै आपको भेज चूका हूँ ! इस बात को लिख कर पुलिस क्या शाबित करना चाहती है ? क्या पुलिस ये शाबित नहीं करना चाहती की दिल्ली पुलिस अपराधियों के साथ अपराधियों के लिए हमेशा ? जबकि मेरी लड़की को तलाश करने के लिए पुलिस कोई कोशिश नहीं कर रही है ?
> 18. एस.आइ नर सिंह के खिलाफ धारा 195 सी.आर पी सी के अंतर्गत कॅश दर्ज होना चाहिए था लेकिन 2.10 साल बाद भी एस. आइ. नर सिंह के खिलाफ कॅश दर्ज नही किया गया !मुझे व मेरे परिवार को धमकी मिल रही है मुझे दिल्ली पुलिस अपराधियो से जान ,माल का ख़तरा है! हो सकता है पुलिस मेरे खिलाफ कोई झूठा केश ही बना दे इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है की ज्ल्द से जल्द इस केश की जाँच किसी विशेष जाँच अजेंसी से करा कर दोसियो को सज़ा दिलाए !
> 19.पत्र संख्या 1236-1241/HAC/C&R दिनांक 13.04.2011 में पुलिस ने लिखा है की पुलिस की जाँच सही है और मेरी लड़की DC कार्यालय कापस हेडा शादी का पंजीकरण कराने के लिए आई थी तो फिर पुलिस बताये ढाई साल से मेरी लड़की कहा है ? और अगर मेरी लड़की ने शादी करा ली है तो क्या पुलिस की पास कोई साबुत है ?
> 20. मेरी लड़की का किडनैप हुए दो साल से ज्यादा हो गए । सब इंस्पेक्टर नर सिंह ने चालिस हज़ार रुपये लेकर एफआईआर लिखी, वह भी ग़लत और आज तक ना तो मेरी लड़की का पतI चला है और ना ही नरसिंह के खिलाफ कोई कार्रवाही हुई। अपराधी खुले घूम रहे हैं। मैं अभी तक पुलिस कमिश्नर, संयुक्त पुलिस कमिश्नर, अडिश्नल पुलिस कमिश्नर, डीसीपी से, तथा संबंधित सभी ऑफिसर्स से मिल चुका हूं लेकिन कोई ऑफिसर मेरी बात सुनने को तैयार नहीं है। मैं 21 अप्रैल 2010 को पुलिस कमिश्नरर से मिला था और उन्हें 8 पॉइंट लिख कर दिए थे उन पर पुलिस ने 1 साल से ज्यादा हो जाने के बाद भी कोई कार्रवाही नहीं की।जिस अधिकारी की मै शिकायत कर रहा हु वही अधिकारी उस शिकायत की जाँच कर रहा है ? मुझे व मेरे परिवार को अपराधियो और दिल्ली पुलिस से जान मॉल का खतरा है !
> 21. जोगेंदर और इसके भाई जगदीश यादव, नरेश,वीरेंदर और इनका पिता फूल सिंह और जोगेंदर का ससुर मुझे काफी दिन से परेशान कर रहे है जोगेंदर मेरे घर में टोटके करके फेंकता है जिसकी शिकायत मै कई बार पुलिस के अधिकारियो को कर चूका हूँ लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कारवाही करने की बजाये हमें ही परेशान कर रही है ! अपनी सुरक्षा के लिए मैंने अपने घर के सामने CCTV लगाये है लेकिन स्थानीय पुलिस कहती है जोगेंदर की शिकायत है तुम ये CCTV उतर दो ! 07.05.2011 को हेड कांस्टेबल सूरज भान मेरे घर आया और मुझे व मेरी पत्नी को सागर पुर थाने ले गया और वहा श्याम 03.00 बजे तक बठाये रखा, 08.05.2011 को SI मन जीत सिंह और हेड कास्टेबल सुरेश मेरे घर आया तब मै घर पर नहीं था , बाद में श्याम 03.00 उनका M. 9968538385 से फ़ोन आया और मुझे थाने में बुलाया ! स्थानीय पुलिस हमें जोगेंदर की झूठी शिकायत पर परेशान कर रही है ! कृपया मेरी व मेरे परिवार की सुरक्षा का बंदोबस्त कराया जाये !आज तक न तो कोई पुलिस का अधिकारी मेरे पास आया है और ना ही कोई जाँच की जा रही है मैंने RTI भी तो जवाब मिला की यह शिकायत ACP डाबड़ी के पास पैंडिंग है ! क्यों है पैंडिंग कोई जवाब नहीं मिला ?
> 22. मुझे व मेरे परिवार को जोगेंदर व इसके भाई जगदीश, वीरेंदर, नरेश और इसके पिता व इसके ससुर से जान मॉल का खतरा है इसकी शिकायत मै कई बार पुलिस अधिकारियो को कर चूका हूँ, लेकिन पुलिस उल्टा मुझे परेशान कर रही है ! जोगेंदर पुरे दिन अपनी दुकान के बाहर चबूतरे पर बैठकर हमें गालियाँ देता रहता है जो चबूतरा इसने रास्ते में बनाया हुआ है ! श्याम होते ही इसकी दुकान में असामाजिक लोगो की लाइन लग जाती है ये दुकान बैठा कर शराब पिलाता है और रात 10 बजे के बाद दुकान बंद करके चबूतरे पर बैठ जाता है और हमें गन्दी गालिया देता है और इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है की इसकी जाँच कराई जाये और इसके खिलाफ उचित कारवाही की जाये!
> 23. 20.06.2011 को जोगेंदर ने रात को 10.30 पर तांत्रिक प्रयोग करके हमारे घर पर निम्बू फेका जो मेरी पत्नी के सिर में आकर लगा ! मेरी पत्नी ने कहा की हमारे घर में निम्बू क्यों फेंक रहे हो तो जोगेंदर ने गन्दी गन्दी गालिया देनी शुरू कर दी और इसका भाई जगदीश भी हमारे घर के सामने आ गया और ये गन्दी गन्दी गालिया देने लगे कहने लगे हमने तुम्हारी लड़की को उठवा दिया तब तुम कुछ नहीं कर सके अब तो हमारा रिश्तेदार अनिल कुमार यादव SHO है अब तो हम तुम्हे इस कालोनी से बाहर निकल कर ही रहेंगे ! अब तुम घर से बाहर निकलो तुम्हे अभी मजा चखाते है ! मैंने PCR को फोन किया लेकिन अभी तक ना तो PCR ही आई है और ना ही कोई पुलिस का अधिकारी ही आया है ! और ना किसी पुलिस अधिकारी ने मुझे जाँच के लिए किसी कार्यालय में ही बुलाया है ! उल्टा मेरे ऊपर ही 107 /150 CrPC का कैश डाल दिया !जोगेंदर कई बार छिप छिप कर हमारे घर और बच्चो के फोटो लेता है, हो सकताहै ये किसी को सुपारी देकर मेरे घर में डाका डलवा दे या मेरे पत्नी और बच्चो को या मुझे मरवा दे, एसी धमकी ये और इसके रिश्तेदार मुझे पहले भी देते रहे है !
24. 08.09.2011 और 31.10.2011 को जन शिकायत आयोग ने थानाध्यक्स को
आदेश दिया था की जोगेंदर के भाई जगदीश यादव के खिलाफ भी उचित क़ानूनी
कारवाही की जाये , लेकिन थानाध्यक्स ने
कोई कारवाही नहीं की गई ,क्योकि थानाध्यक्स भी यादव है और इस केश का
जाँच अधिकारी S I राजेश कुमार भी यादव है, इसलिए पुलिस वाले अपनी जाति के
दौसी अपराधियों को बचने की कोशिश कर रहे है !
हो सकता है स्थानीय पुलिस अपराधियों के साथ मिल कर मुझ पर कोई और झूठा
केश डाल दे !
> 25. मैं इस बारे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, मुख्यमंत्री, उप राज्यपाल को लिख चुका हूं। लेकिन सब पुलिस के पास आकर खत्म हो जाता है। पुलिस शुरू से ही कह रही है कि तूने पुलिसवालों की शिकायत की है इसलिए अब तेरी लड़की नहीं मिलेगी। इसलिए मेरा प्रधानमंत्री जी से अनुरोध है कि इस मामने में सीबीआई से जांच कराई जाए।
> Thanking you,
>
> Yours faithfully,
> Om Kanwar Singh
> RZ-62, B-Block,
> Gopal Mandir Road,
> Dabri Extn. East,
> New Delhi – 110045
> Ph. 09015456365
> Encl. : 4 Pages
> COPY TO:-
> 1. HOME MINISTER 2. ALL M.P.
> 3. CM DELHI 4. PGC (MHA)
> 5. NHRC 6. CP DELHI
> 7. CBI 8. CVC
> 9. SPL CP VIGILANCE 10. MAHILA/ BAL VIKASH MANTRALYA
> 11. DCP S/W 12. ACP DABRI
> 13. L.G.
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