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Sujit Kumar Lucky
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Sujit Kumar Lucky

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तेरे यादों की शाम कभी ढलती ही नहीं ;
शायद सहर होने तक मुझे नींद आ जाये !!

#Night_And_Pen 󾔲
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Sujit Kumar Lucky

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किसी भी लहजे में तो नहीं कहा,
कह ही नहीं पाता शायद सामने,
हृदय मैं उठते क्षोभ के लिए बस,
मैं कुछ कवितायेँ ही लिख सका !

#SK #Poetry  
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किसी भी लहजे में तो नहीं कहा, की तुम्हारी कई बातें अच्छी नहीं, झुंझलाहट भरी थी चुप्पी तेरी, प्रेम में डूब के कैसे कहता की, कुछ द्वेष भी तो पलने लगा अंदर, ...
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Sujit Kumar Lucky

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󾔧 और तब 󾠉

और तब
से आगे का किस्सा ?
जहाँ रात को रोक के कल,
हम और तुम कहीं चले गए थे,
उस चाँद को गवाही बनाके,
की फिर इसी वक़्त रोज,
यहीं आ बैठेंगे और पूछेंगे तुमसे,
और तब ?
थोड़ी देर तुम सोचो,
थोड़ी देर मैं भी कुछ,
फिर तुम भी कुछ कहना,
फिर मैं भी सब कुछ कहता,
जब कुछ कहने का मन नहीं होता,
तुम्हें ही सोचते हुए तुमसे कह लेता,
और तब ?
वो चाँद भी ऊब जाता होगा कभी कभी,
रोज वहीँ से वही बात सुनकर,
चाँद भी तो रोज रात संग ऐसे ही बातें करता होगा,
शायद वो भी पूछता होगा “और तब ?” !

#Sujit Poetry 󾠤
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Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर ...
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Sujit Kumar Lucky

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ग्रीष्म ऋतु में सम्पूर्ण चराचर ही व्याकुल रहता है ; मानव ही नहीं पशु पक्षी भी प्रकृति से शीतलता की आस रखते ; ग्रीष्म के ऐसे ही किसी दोपहर से कुछ तस्वीर, खेत किनारे जलाशय में जल क्रीड़ा में मग्न ये !
‪#‎Summer_Shot‬ ‪#‎Nikon‬
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Sujit Kumar Lucky

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अब कोई वजह नहीं आने की,
तुम बेवजह ही आ जाओ !
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मेरे पास वजह नहीं कोई, तुम बेवजह ही आ जाओ, आके खोलो फिर पोटली, यादों की पोटली मैं भी खोलूँ, तुम रूठना निकालों उससे, मैं मनाने की कोई तरकीब, तुम उदासी का चेहरा निकालों, ...
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Sujit Kumar Lucky

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" आजकल का मौसम, दिन भर जलती हुई पछिया हवा, निर्जन सड़के, चिलचिलाती धुप, बेजार मन ! एक कविता इसी संदर्भ में … "

सड़कों पर रेगिस्तान उतर आया है,
पछिया बयार का तूफ़ान उतर आया है !

सूखे पत्तों से,
भर गई है गलियाँ और मुंडेरे,
धूलों का आसमान उतर आया है !

परदे आपस में उलझ गए है ऐसे,
जैसे किसी ने गाँठे बांध दी हो,
निर्जन राह और जलता आसमान,
तपती मौसम का पैगाम उतर आया है !

सुख गए है कूप और तालाब,
शुष्क धरा पर शैतान उतर आया है !

कैसे चुपचाप सी खामोश है दुपहरी,
उजड़े मन का कोई मेहमान उतर आया है !

#SK #Poetry #Summer
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आजकल का मौसम, दिन भर जलती हुई पछिया हवा, निर्जन सड़के, चिलचिलाती धुप, बेजार मन ! एक कविता इसी संदर्भ में … indian summer poem सड़कों पर रेगिस्तान उतर आया है, ...
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Sujit Kumar Lucky

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मंजूषा कला के बढ़ते कदम ! १५ मई रविवार की सुबह सैंडिस कम्पाउंड, भागलपुर ; मंजूषा कला के लिए ऐतहासिक रहा यहाँ पर ५० से ज्यादा कलाकारों ने अंग प्रदेश की संस्कृति को दीवारों पर उकेरा ! १५० फ़ीट की दीवारें मंजूषा पेंटिंग से सज गई, अनेकों कलाकारों ने इन दीवारों को जीवंत कर दिया !

#‎ManjushaArt‬ #Bhagalpur #Bihar 
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मंजूषा कला के बढ़ते कदम ! १५ मई रविवार की सुबह सैंडिस कम्पाउंड, भागलपुर ; मंजूषा कला के लिए ऐतहासिक रहा यहाँ पर ५० से ज्यादा कलाकारों ने अंग प्रदेश की संस्कृति
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Sujit Kumar Lucky

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यादों की पहेली को
कुछ इस तरह सुलझाओ
बूझो तो बूझ जाओ
वरना भुलाते जाओ

तुमने भुला दिया है
इतना यकीन है पर
मैंने भुला दिया है
इसका यकीं दिलाओ

मुझे छोड़ के गए तुम
सब ले गए थे क्यूँ तुम
इतना रहम तो कर दो
इक घाव छोड़ जाओ

कुछ नफरतें पड़ी हैं
कहीं पे तुम्हारे घर में
मेरा है वो सामां तुम
वापस मुझे दे जाओ

मेरा ग़म का खज़ाना है
तेरे पास मुस्कराहट
अपना जो है ले जाओ
मेरा जो है दे जाओ
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Sujit Kumar Lucky

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गुस्सा …..

तुम मिलो मुझसे कहीं,
मैं नजरे छुपाऊ,
तुम पूछो कुछ तो,
मैं अनजान हो जाऊ !

#SK #Poetry 
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Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर ...
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Sujit Kumar Lucky

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Happy Birthday Sachin :)
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देखते होंगे क्रिकेट पहले भी लोग, लेकिन साँसें रोक के, चाय की दुकान पर, मन में भगवान को याद करके, दोस्तों के कंधे पर हाथ रख के, पिताजी के साथ सोफे पर बैठ करके, टीवी की ...
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Sujit Kumar Lucky

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रामायण चरित्र चित्रण काव्य है और राम उसके पात्र, इस काव्य ने समाज को पिता-पुत्र, माता-पुत्र, भाई-भाई, पति-पत्नी, स्वामी-सेवक, राजा-प्रजा, मित्र-मित्र के कर्तव्यों को उधृत किया है ! "राम" ज्ञान, शक्ति, संयम, धैर्य, गुण, त्याग, विजय के प्रतिमूर्ति है ! राम आचरण है, राम विवेचना है, राम संकल्प है, राम संदेश है, राम प्रदर्शक है ; इस मात्र पूजे नहीं अपने कर्तव्य में उतारे !

रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं ; जय श्री राम !!
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Sujit Kumar Lucky

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मैं अक्सर सोचता हूँ,
मेरे शहर के ऊपर ये कैनवास कौन लगाता है ??
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मेरे शहर के ऊपर, रोज कोई कैनवास लगाता है, रोज सोचता हूँ देखूँगा उसकी सूरत, वो रोज कुछ न कुछ बना के चुपके से चला जाता, बड़ी बड़ी रंगों की शीशी और बड़े बड़े ब्रशों को ...
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  • A R D Saraswati Vidya Mandir Bhagalpur
    School, 1995 - 2001
  • Marwari College, Bhagalpur
    10+2, 2001 - 2003
  • TMBU
    B.COM, 2003 - 2007
  • Sikkim Manipal University
    MCA, 2007 - 2010
Basic Information
Gender
Male
Looking for
Friends, A relationship, Networking
Other names
सुजीत भारद्वाज
Story
Tagline
सुजीत भारद्वाज - Web Analyst, Blogger, SEM/SEO/SMO Professional , Writer, Poet
Introduction
In between Subtle fate I am avid for my dreams & Desire... Always tried to become a reason of someone smile... First you will observe me as Stubborn Mind, hard headed... once attached with me your perception change.  Not Born to Write but write to be alive... live in a parallel universe of my words where my words inspire me, talk to me. See every moment’s n memories with my poetic eyes. A mentor, friend, all time life seeker meet with me @ - sujitkumar.in 

Sujit Kumar Lucky from India involves in search and digital marketing... My Web Affection inspires me to make a Innovative web Experience. Putting imagination of web trends in work is my passion. I always accepted my successes, mistakes and failure it admires me to rethink about me. Although I found myself as friendly, emotional sensitive person and person who want to help others. I am a versatile person who colors his life with several colors... and always enjoying this beautiful Rainbow of life.I Believes in “Do Before You Die”.  here for SEO, SMO, Friendship , share Hindi poems thoughts feelings and much more enjoy.. ! !

"अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुरती जा रही , हर रोज एक नया फलसफा जिन्दगी का, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! ! (सुजीत भारद्वाज) "
Bragging rights
Tech Enthusiasts From India , A Poet , Writer, Thinker !
Work
Occupation
Web Analyst, Blogger, SEO/SMO Professional , Writer
Skills
SEO, SMO, SEM, Google Analytics, Design, Development, Blogger, Google Analytics & Google Adword Certified Professional
Employment
  • TechAliens
    Web Analyst/Blogger, 2011 - present
    Author of www.techaliens.com [Blogging About Technology, SEO, SMO, Mobile] and Share research work with Friends and community !
  • Earmark E Services Pvt. Ltd.
    Digital Marketing Head, 2013 - 2013
    New Venture of Life to serve myself as A Motivator for Team, A Tech enthusiast. Establish Search and Social marketing strategy for company and clients. Also time to time share expertise on Blogs.
  • Go Heritage India Journeys Pvt.Ltd
    Team Leader ( Digital Marketing), 2010 - 2013
    Team Leader of Internet Marketing Team, Work profile includes: - Go Heritage India Journeys Travel Portal & Its 45 + Vertical Sites. - Team Work Assignments and Reporting, Interaction with Design, Development, Content Teams for New Projects and Work Managements, Business & ROI - Appreciation : Best Employee of the month, Team motivator & performer Rewards
  • vAngelz Technologies
    Senior SEO/SMO, 2010 - 2010
    Leveraging Career in Search and Social Media on Mobile Price Comparison Portals of V-angelz technology projects.
  • Weblogics Corporation
    Senior SEO, 2008 - 2009
    Kick start career in Field of Internet marketing learn lot - shape myself in field of SEO, SMO, ORM.. ! Thanx for Company members and directors to give me chance to work here !
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और तब … – Sujit Kumar Lucky
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