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ShubhAurLabh
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हम सब के जीवन मे शुभ और लाभ हो..!!
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जो मनुष्य ‘परमा एकादशी’ का व्रत करता है, उसे समस्त तीर्थों व यज्ञों आदि का फल मिलता है । इस महीने में ‘पद्मिनी एकादशी’ भी श्रेष्ठ है। उसके व्रत से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्यमय लोकों की प्राप्ति होती है ।

http://shubhaurlabh.in/2017/02/14/परमा-एकादशी-parama-ekadashi-कथा-और-व्रत/
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जो मनुष्य ‘परमा एकादशी’ का व्रत करता है, उसे समस्त तीर्थों व यज्ञों आदि का फल मिलता है । इस महीने में ‘पद्मिनी एकादशी’ भी श्रेष्ठ है। उसके व्रत से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्यमय लोकों की प्राप्ति होती है ।

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अधिक मास की एकादशी अनेक पुण्यों को देनेवाली है, उसका नाम ‘पद्मिनी’ है । इस एकादशी के व्रत से मनुष्य विष्णुलोक को जाता है ।
http://shubhaurlabh.in/2017/02/14/पद्मिनी-एकादशी-padmini-ekadashi-कथा-और-व/
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अधिक मास की एकादशी अनेक पुण्यों को देनेवाली है, उसका नाम ‘पद्मिनी’ है । इस एकादशी के व्रत से मनुष्य विष्णुलोक को जाता है ।
http://shubhaurlabh.in/2017/02/14/पद्मिनी-एकादशी-padmini-ekadashi-कथा-और-व/
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पृथ्वी मुद्रा के अभ्यास से आंख, कान, नाक और गले के समस्त रोग दूर हो जाते हैं। पृथ्वी मुद्रा से मन में हल्कापन महसूस होता है एवं शरीर ताकतवर और मजबूत बनता है।

http://shubhaurlabh.in/2018/01/05/prithavi-mudra-पृथ्वी-मुद्रा-के-विधि-औ/
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वरुण मुद्रा शरीर के जल तत्व सन्तुलित कर जल की कमी से होने वाले समस्त रोगों को नष्ट करती है। वरुण मुद्रा करने से अत्यधिक प्यास शांत होती है।

http://shubhaurlabh.in/2018/01/06/varun-mudra-वरुण-मुद्रा-के-विधि-और-ला/
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प्राण मुद्रा ह्रदय रोग में रामबाण है एवं नेत्रज्योति बढाने में यह मुद्रा बहुत सहायक है। इस मुद्रा के निरंतर अभ्यास से मन की बैचेनी और कठोरता को दूर होती है एवं एकाग्रता बढ़ती है।

http://shubhaurlabh.in/2018/01/25/prana-mudra-प्राण-मुद्रा-के-विधि-और-ल/
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सूर्य मुद्रा के अभ्यास से मोटापा दूर होता है | शरीर की सूजन दूर करने में भी यह मुद्रा लाभकारी है | सूर्य मुद्रा करने से पेट के रोग नष्ट हो जाते हैं |

http://shubhaurlabh.in/2018/02/25/surya-mudra-सूर्य-मुद्रा-के-विधि-और-ल/
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अपान वायु मुद्रा ह्रदय रोग के लिए रामवाण है इसी लिए इसे ह्रदय मुद्रा भी कहा जाता है | इस मुद्रा के नियमित अभ्यास से रक्तचाप एवं अन्य ह्रदय सम्बन्धी रोग नष्ट हो जाते हैं |

http://shubhaurlabh.in/2018/02/18/apan-vayu-mudra-अपान-वायु-मुद्रा-के-विधि/
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गायत्री मंत्र का अर्थ। गायत्री मंत्र क्यों और कब ज़रूरी है।

http://shubhaurlabh.in/2017/08/24/गायत्री-मंत्रgayatri-mantraका-अर्थ।-ग/
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