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Karunakara Shetty
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Very nice song but meaningful song for all... 

Avyakt Mahavaaky (Personal)

अव्यक्त महावाक्य (पर्सनल)

अभी बाप सभी बच्चों को सम्पन्न रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन सम्पन्न बनने में वन्डरफुल बातें देखेंगे क्योंकि सम्पन्न बनने के प्रैक्टिकल पेपर होते हैं। किसी भी प्रकार का नया दृश्य वा आश्चर्यजनक दृश्य सामने आये, लेकिन दृश्य साक्षी दृष्टा बनावे, हिलाये नहीं। कोई भी ऐसा दृश्य जब सामने आता है तो पहले साक्षी दृष्टा की स्थिति की सीट पर बैठ देखने वा निर्णय करने से बहुत मजा आयेगा, भय नहीं आयेगा। जब हुआ ही पड़ा है, विजय निश्चित है, तो घबराना वा भयभीत होना हो ही नहीं सकता। जैसेकि अनेक बार देखी हुई सीन फिर से देख रहे हैं - इस कारण क्या हुआ? क्यों हुआ? ऐसे भी होता है, यह तो नई बातें हैं! यह संकल्प वा बोल नहीं होगा। और ही राज़युक्त, योगयुक्त हो, लाईट हाउस हो, वायुमण्डल को डबल लाईट बनायेंगे। घबरायेंगे नहीं। ऐसे अनुभव होता है ना? इसको कहा जाता है पहाड़ समान पेपर राई के समान अनुभव हो। कमज़ोर को पहाड़ लगेगा और मास्टर सर्वशक्तिवान को राई अनुभव होगा। इसी पर ही नम्बर बनते हैं। प्रैक्टिकल पेपर पास करने के ही नम्बर बनते हैं। सदैव पेपर पर नम्बर मिलते हैं। अगर पेपर नहीं, तो नम्बर भी नहीं इसलिए श्रेष्ठ पुरुषार्थी पेपर को खेल समझते हैं। खेल में कब घबराया नहीं जाता है। खेल तो मनोरंजन होता है। अच्छा।

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Happy Deepavali

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05-10-2016:
Essence of Murli (Hindi & English) & Murli Song:

“मीठे बच्चे– तुम्हें योगबल से रावण दुश्मन पर जीत पानी है, मनुष्य से देवता बनने के लिए दैवीगुण धारण करने हैं”

प्रश्न:
सभी बच्चे बाप की श्रीमत पर एक जैसा नहीं चलते हैं– क्यों?
उत्तर:
क्योंकि बाप जो है, उसको सभी ने एक जैसा पहचाना नहीं है। जब पूरा पहचानेंगे तब श्रीमत पर चलेंगे। 2- माया दुश्मन श्रीमत पर चलने से रोक लेती है इसलिए बच्चे बीच-बीच में अपनी मत चला देते हैं। फिर कहते बाबा माया के तूफान आते हैं, आपकी याद भूल जाती है। बाबा कहते बच्चे– रावण माया से डरो मत। जोर से पुरूषार्थ करो तो वह थक जायेगी।

गीत:-
न वह हमसे जुदा होंगे...

ओम् शान्ति।

धारणा के लिए मुख्य सार:
1) योगयुक्त हो अपने हाथ से भोजन बनाना और खाना है। पवित्र दुनिया में जाने के लिए पवित्र भोजन खाना है। उसमें ही बल है।
2) नया तन-मन-धन प्राप्त करने के लिए पुराना सब कुछ बाप पर वारी कर देना है। इस शरीर सहित बाप पर पूरा-पूरा कुर्बान जाना है।

वरदान:
सदा साथीपन की स्मृति और साक्षी स्टेज का अनुभव करने वाले शिवमई शक्ति स्वरूप कम्बाइन्ड भव

जैसे आत्मा और शरीर दोनों का साथ है, जब तक इस सृष्टि पर पार्ट है तब तक अलग नहीं हो सकते, ऐसे ही शिव और शक्ति दोनों का इतना ही गहरा सम्बन्ध है। जो सदा शिव मई शक्ति स्वरूप में स्थित होकर चलते हैं तो उनकी लगन में माया विघ्न डाल नहीं सकती। वे सदा साथीपन का और साक्षी स्टेज का अनुभव करते हैं। ऐसे अनुभव होता है जैसे कोई साकार में साथ हो।

स्लोगन:
निर्विघ्न और एकरस स्थिति का अनुभव करने के लिए एकाग्रता का अभ्यास करो।
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Sweet children, you have to conquer Ravan, the enemy, with the power of yoga. In order to change from human beings into deities, imbibe divine virtues.

Question:
Why don’t all the children follow the Father's shrimat (elevated directions) to the same extent?
Answer:
Because not everyone has recognised the Father to the same extent. Only when they recognise Him fully will they follow His shrimat. Maya, the enemy, prevents you from following shrimat. You children therefore follow your own dictates every now and then, and you then tell Baba that you experience storms of Maya and that you forget to remember Him. Baba says: Children, don't be afraid of Maya, Ravan. Make effort with great force and she will become tired.

Song:
Neither will He be separated from us nor will we experience sorrow.

Om Shanti.

Essence for Dharna:
1. Remain yogyukt and eat food that you have prepared yourself. In order to go to the pure world, only eat pure food. Only in this is there power.
2. In order to receive a new body, mind and wealth, surrender everything old you have to the Father. Surrender yourself completely, including your body, to the Father.

Blessing:
May you have the combined form and be an embodiment of the power of Shiva by always having the awareness of the Companion and experiencing the stage of a detached observer.

Just as the soul and body are both together, and the two cannot be separated while the soul has a part on the earth, similarly, Shiva and Shakti have just as deep a relationship. Those who constantly move along as embodiments of the power of Shiva cannot have Maya creating any type of obstacles in their love. They constantly experience companionship and the stage of a detached observer. Their experience is as though someone is with them in the corporeal form.

Slogan:
In order to experience the stage of being free from obstacles and to have a constant and stable stage, practise concentration and stability.
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Beautiful Murli Song: Na Woh Humse Juda Honge...

Song Link: https://www.youtube.com/watch?v=PMU8aPAxsNg

Full Hindi Murli Link:
http://www.bkdrluhar-murli.com/00-Murli/00-Hindi/Htm-Hindi/05.10.16-H.htm

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