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म्हारा हरियाणा | Mhara Haryana
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म्हारा हरियाणा - हरियाणवी साहित्य, सँस्कृति व भाषा को समर्पित
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लेणा एक ना देणे दो - यारी-दोस्ती पर लिखी गई पं लखमीचन्द की रागणी।

यह रागणी आज पहले से भी अधिक सार्थक है ....
लेणा एक ना देणे दो, दिलदार बणे हांडै सैं।
मन म्हं घुण्डी रहै पाप की, यार बणें हांडै सै ।।
नई-नई यारी लगै प्यारी, दोष पाछले ढक ले।
मतलब खात्यर यार बणैं, फेर थोड़े दिन म्हं छिक ले।
नहीं जाणते फर्ज यार का, पाप कर्म म्हं पक ले।
कै तै खा ज्यां माल यार का, या बहू बाहण नै तक ले।
करै बहाना यारी का, इसे यार बणें हांडै सैं।।

मतलब कारण बड़ै पेट म्हं, करकै नै धिगताणा।
गर्ज लिकडज्या पास पकड़ज्या, करै सारे कै बिसराणा।
सारी दुनिया कय्हा करै, करै यार यार नै स्याणा।
उसे हांडी म्हं छेक करैं, अर उसे हांडी म्हं खाणा।
विश्वासघात करैं प्यारे तै, इसे यार बणें हांडै सैं।।

यारी हो सै प्याऊ केसी, हो कोए नीर भरणियां।
एक दिल तै दो दिल करवादे, करकै जबान फिरणियां।
यार सुदामा का कृष्ण था, टोटा दूर करणियां।
महाराजा को कर्ज दिया था,भामाशाह था बाणियां।
आज टूम धरा कै कर्जा दें, इसे साहुकार बणे हांडै सैं ।
प्यारे गैल्यां दगा करे का, हो सब तै बती घा सै।
जो ले कै कर्जा तुरत नाटज्या औ बिना औलादा जा सै।
पढे-लिक्खे अर भाव बिना, मन्नै छंद का बेरा ना सै।
पर गावण और बजावण का मन्नै बालकपण तै चा सै।
इब तेरे कैसे 'लखमीचन्द' बणें हांडै सैं।।

- पं लखमीचन्द


http://www.mharaharyana.com/magazine/lit/child/92/lena-ek-na-dene-do-lakhmichand.html
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हरियाणवी क्लास
नरेश गुज्जर की लघु-कथा

"पाँच किलो चीनी का दाम साठ रपिये सै तो एक किलो चीनी कितणे की होयी?" मास्टर बाल्का ते बोल्या।

"मास्टर जी पहला नू बता दो न, कौन सी दुकान तै मिले सै इतनी सस्ती चीनी? कबाड़िया तो 45 रपीये किलो देवे सै!" पाछले बेंच पे बैठया घोलू पूछण लागया।

"पहला तू बता, कबाड़िया चीनी कद तै बेचण लागया?"

"मास्टर जी, मेरे तो जामण तै पहला सै ही बेचे सै। बाकी आपने बेरा होगा!"

"मन्ने कुकर बेरा होगा?" मास्टर नै घोलू पै नज़र गडाते होय पूछण लाग्या।

घोलू के बगल में बैठया दीपू जोर तै बोल्या, "मास्टर जी, थमने ना बेरा तो के हमने बेरा होवे था? कबाड़िया दुकानदार थारा ए बापू सै।"

सारे बालक जोर-जोर तै हासण लाग गे।

मास्टर आग्या छो मै। दोनुआ के धरे दो-दो रेपटे अर बना दिये मुर्गे ।

क्लास फेर चालू होगी । मास्टर ने दुसरा सवाल पुछया, "एक अंडे का के दाम रक्खें कि तीन अंडे पंद्रह के बिक जां?"


बिच हाले बेंच प बैठया रोबट खड़या होके बोल्या- "मास्टर जी, मैं एक का दाम दस रपीये धरूगाँ ।

"फेर तीन पंद्रह के कुकर होये?" मास्टर नै पुच्छ्या ।

"एक दस का, अर दो ढाई-ढाई के -होगे पंद्रह!" - रोबट बोल्या ।

"नू कूकर? तीनो के दाम बराबर होने चहिये!"

"क्यू, मास्टर जी, म्हारे अंडे तो दाम भी अपनी मरजी ते ए लावां गे!" रोबट आकड़ के बोल्या।

फेर के था... मास्टर ने भी करया वोही मारे दो रेपट, अर बना दिया मुर्गा ।

इब आलिया तीसरा सवाल !

"यू बताओ के सिगरेट से केंसर होता है तो दारू तै के होता है?

आगले बेंच पे बैठया सुणा सा छोरा जिसके चहरे पे तेज था। खड़या होया मास्टर भी सोचया यो छोरा देवेगा सही जवाब!

छोरा खड़या हुंदे ही, "मास्टर जी पाचंन तंत्र मजबूत होवे सै ।"

मास्टर सुणके दंग रहगया और पूछया, "वो कैसे, रै?"

"मास्टर जी, थमने सुनणया कोनी के जहर ही जहर ने काटया करै सै तो नूए दारू सिगरेट की लडा़ई हो जा सै।"

इस बार मास्टर हासता होया बोल्या- "उरे आ मेरे लाल ।" छोरा आया कने आते ही, मास्टर का वोही काम दो मारे रेपट अर बना दिया मुर्गा !

इबके घोलू जिसने मुर्गा बणे घणदेर होली मुह ने उपर करके बोल्या- "मास्टर जी, हमने बेरा सै थम हमने मुर्गे बना के फ्री का पोलटरी फार्म खोलना चाहो हो लेकिन एक बात महारी भी सुणलो हम तै अंडे तो थारा बाबू नी दूआ सकद‍ा!"


- नरेश गुज्जर
http://www.mharaharyana.com/magazine/articles/240/haryanvi-class.html
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गौ संरक्षण अधिनियम 19 नवंबर से प्रभाव में

करनाल, 19 नवंबर :भाषा: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने  कहा है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्वीकृति  मिलने के बाद राज्य का गौ संरक्षण अधिनियम आज से प्रभाव में आ गया।

उन्होंने ऐसा कहते हुए विधानसभा में विधेयक का समर्थन करने के लिए तीन मुस्लिम विधायकों की सराहना की।

विधेयक की अधिसूचना आज जारी होने के साथ हरियाणा में गोवध करने पर अब तीन से दस साल का कठोर कारावास मिलेगा।

खट्टर ने कहा, ‘‘गोवंश संरक्षण और गौसंवर्धन विधेयक आज से प्रभावी हो गया।’’ ‘गोपाष्टमी’ के मौके पर मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप से विधेयक की अधिसूचना जारी की।

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘विधानसभा के सभी 90 सदस्यों ने सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया, जिनमें मेवात से आने वाले तीन मुस्लिम विधायक भी शामिल हैं।’’
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बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 46 साल पूरे कर लिये हैं। अमिताभ बच्चन ने वर्ष 1969 में प्रदर्शित फिल्म सात हिंदस्तानी से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत की थी। इस फिल्म में अमिताभ ने एक शायर की भूमिका निभायी थी। ख्वाजा अहमद अब्बास द्वारा निर्देशित ‘सात हिन्दुस्तानी’ उन सात भारतीयों की बहादुरी की कहानी का चित्रण करती है, जो गोवा को पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन से मुक्त करने का प्रयास करते हैं। अमिताभ ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर अपने प्रशंसकों के लिए ‘सात हिन्दुस्तानी’ की अपनी पहली एकल पोस्टर के अलावा इस फिल्म के सेट के कुछ दुर्लभ शॉट्स भी डाले हैं।
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दिलदार ना मिल्या  -हरियाणवी गाना।  संसार की मधुर आवाज में हरयाणवी गीत। इसी तरह के और गाने सुनने के लिए 'म्हारा हरियाणा' की वेबसाइट पर जाएंः  www.mharaharyana.com
[Audio Only]
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हरियाणवी लोक-साहित्य पढ़िए। यदि आप हरियाणवी में लिखते हैं तो हमें अपनी रचनाएं भेजें।

http://www.mharaharyana.com/
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रिसाल जांगड़ा की हरियाणवी ग़ज़ल :

"झूठा माणस मटक रह्या सै,
सूली पै सच लटक रह्या सै ।"
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दारू पीणी छोड़ पिया - हरियाणवी गाना, संसार की मधुर आवाज में । इसी तरह के और गाने सुनने के लिए 'म्हारा हरियाणा' की वेबसाइट पर जाएंः www.mharaharyana.com
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चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा
उडै चाहे धूल
सै मंजल दूर
नहीं पर सै घबराणा
चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा
ना गौरी रूठ
ज्यागा दिल टूट
पडैगा फेर पछताणा
चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा
राम तै डरले
पुन्न कुछ करले
छोड़ कै सब कुछ जाणा
चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा
यां ऊंचे महल
या तेरे बैल, ना इतना टहल
सै किसनै के ले जाणा
चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा
बोल ना झूठ
राम जै रूठ
झूठ का नहीं ठिकाणा
चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा
तैं घर नै चाल
या संकट टाल
गॉल मैं के बतलाणा
चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा
मैं खाल्यूं रूक्खी
के रै ल्यू भूक्खी
पाप का के सै खाणा
चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा
                       
- रोहित कुमार 'हैप्पी'
                            न्यूज़ीलैंड
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