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Shubhneet Kaushik   हिंदी के अप्रतिम आलोचक और साहित्यकार नामवर सिंह (1927-2019) का कल देर रात निधन हो गया। ‘वाद-विवाद-संवाद’ के पुरोधा और वाचिक परंपरा के आचार्य नामवर सिंह का निधन हिंदी आलोचना के एक युग का अवसान है। बहुतों की तरह उनकी कृतियों से मेरा भी…

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जयंत जिज्ञासु ओजस्वी आलोचक नामवर सिंह जी को रुबरू बस एक बार सुना था डीयु में रामविलास शर्मा की जन्मशती पर। उनके कहने का अपना अंदाज़ था और सुनते हुए ऐसा लगता था कि वो कह रहे हों कि ये मेरी मान्यता है, चाहो तो चुनौती देकर दिखाओ। वो मंच पर होते थे तो मालूम…

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Shubhneet Kaushik वर्ष 1948 में भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन बलिया में हुआ, जिसकी अध्यक्षता महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने की। 4 अप्रैल 1948 को आयोजित हुए इस सम्मेलन में राहुल सांकृत्यायन के साथ भोजपुरी भाषा और साहित्य के अधिकारी विद्वान डॉ. उदयनारायण तिवारी…

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ध्रुव गुप्त चौदहवी और पंद्रहवी सदी के महान संत रविदास या रैदास कबीर और गुरु नानक के समकालीन भक्त कवि, महान आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक थे। जूते बनाने का व्यवसाय करते हुए उन्होंने साधु-सन्तों की संगति से धर्म, अध्यात्म और सामाजिक समानता का व्यावहारिक…

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Shubhneet Kaushik रैदास कबीर और नामदेव की परंपरा के कवि हैं। वह परंपरा जिसमें सेन, पीपा, धन्ना आदि भी आते हैं। जिनमें कोई दरजी है, तो कोई जुलाहा, तो कोई नाई। ख़ुद रैदास चमार जाति के : ‘कहै रैदास खलास चमारा’। पर सभी का विश्वास मानवता में, मानव-धर्म की…

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राम पुनियानी शिवाजी, जनता में इसलिए लोकप्रिय नहीं थे क्योंकि वे मुस्लिम विरोधी थे या वे ब्राह्मणों या गायों की पूजा करते थे. वे जनता के प्रिय इसलिए थे क्योंकि उन्होंने किसानों पर लगान और अन्य करों का भार कम किया था। शिवाजी के प्रशासनिक तंत्र का चेहरा…

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निशा डागर अगर बात करे भारतीय स्वतंत्रता की क्रांति और उन क्रांतिकारियों की जिनकी वजह से देश को आजादी मिली तो इतिहास की रेत में शायद हज़ारों नाम दबे मिले। पर हम सिर्फ कुछ नामों से ही रु-ब-रु हुए हैं। वैसे तो भारत माँ के इन सभी सपूतों के बारे में जानकारी…

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ध्रुव गुप्त भारत की वीनस’, ‘द ब्यूटी ऑफ़ ट्रेजेडी’ और ‘सौंदर्य साम्राज्ञी’ के नाम से विख्यात अभिनेत्री मधुबाला उर्फ़ मुमताज़ बेग़म ज़हां देहलवी हिंदी सिनेमा की वह पहली अभिनेत्री थी जो अपने जीवन-काल में ही एक मिथक बनी। सिनेमा के परदे पर इस क़दर स्वप्निल…

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ध्रुव गुप्त ‘भारत कोकिला’ के नाम से विख्यात भारत के स्वाधीनता संग्राम की अप्रतिम योद्धा स्वर्गीया सरोजनी नायडू अपनी सांगठनिक क्षमता, ओजपूर्ण वाणी और देश की आज़ादी के लिए अपने प्रयासों की वज़ह से अपने दौर की सर्वाधिक लोकप्रिय महिला रही है। वे आज़ादी से पूर्व…

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माजिद मजाज़ हुस्न, मोहब्बत, इंसानी दोस्ती, अदल-ओ-इंसाफ़ का मसीहा और जुर्रत-ए-इज़हार का दूसरा नाम फ़ैज़ अहमद फ़ैज़! उर्दू शायरी को फ़ैज़ पर हमेशा नाज़ रहेगा। इनका असल नाम फैज़ मोहम्मद खान था आप 13 फ़रवरी 1911 को सियालकोट (ब्रिटिश इंडिया) में पैदा हुए।…
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