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Deepak Kumar Gupta (Ashwani Raj)
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Deepak's posts

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तुमने भी तो कोशिश नहीं की मुझे समझने की,,,,
वरना वजह कोई नहीं थी तेरे और मेरे उलझने की....!!
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मेरी मोह्बत्त❣ का कभी😍 हिसाब ना करना तुम 👩,,,,,
हर मुसीबत😭 मे मै खुदा🙏 से ज्यादा तुम्हे याद करता हूँ.....!! 
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ज़िस्म के ज़ख्म हों तो मरहम भी लगाएँ,,,,,
रूह के नासूरों का हकीम मिलता नहीं हमें....!!
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तमाम गिले-शिकवे भुला कर सोया करो यारो,,,,
सुना हैं मौत किसी को मुलाक़ात का मौका नही देती....!!
+Swati Rajput​♥️
+Subhash
+Satish jaiswal
+Deepa Verma
+Govi Balan
+Sushil Muskaan
Love you all good by.. 
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जागो हिन्दू जागो 🚩 🚩 लाइक कॉमेंट ना करे तो कोई बात नहीं पर एक बार पढे जरूर. जय श्री राम 🚩 🚩 जय हिंदूत्व 🚩 🚩

आइये आपको कुछ ऐसे तथ्यों से वाकिफ करवाते हैं जिसे हर हिन्दू को जानना बेहद जरुरी है।

ये कुछ ऐसे तथ्य है जो हमें सोचने पर मजबूर कर देती है
मन बैचैन हो जाता है,कुछ उद्वेलित सा...आक्रोशित मन।
आइये पढ़े और सोचें और कुछ करे।

***विश्व के लगभग ५७ मुस्लिम देशों में ऐसा कोई देश बताइये जहाँ हज यात्रा के लिए विशेष रियायतें दी जाती हैं।

कोई एक ऐसा मुस्लिम देश बताइये जहाँ अल्पसंख्यक हिन्दुओं को विशेष अधिकार दिये गये हैं?

कोई एक ऐसा मुस्लिम देश बताइये जहाँ किसी गैर मुस्लिम को मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, या राष्ट्रपति बनाया गया हो?

एक भी ऐसा देश बताइए जहाँ की ८५% बहुसंख्यक जनता १५% अल्पसंख्यक की दया पर जीवित हो।

कोई एक भी मुल्ला या मौलवी बताइये जिसने आतंकवाद के खिलाफ फतवा जारी किया हो?

हिन्दू बाहुल्य प्रदेश महाराष्ट्र, बिहार, केरल, पांडिचेरी इत्यादि में मुस्लिम मुख्यमंत्री हुए हैं। क्या आप कभी मुस्लिम बाहुल्य प्रदेश जम्मू-कश्मीर, या ईसाई बाहुल्य नागालैंड व मिजोराम में हिन्दू मुख्यमंत्री की कल्पना कर सकते हैं?

यदि ८५ प्रतिशत हिन्दू असहिष्णु हैं तो मस्जिदों और मदरसों में वृद्धि कैसे हो रही है? मुस्लिम दिन में पांच बार सार्वजनिक रास्तों पर नमाज कैसे अदा कर रहें हैं और लाउडस्पीकर से यह घोषणा कैसे करते हैं कि अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है?

हिन्दुओं ने भारत का ३० प्रतिशत भूभाग मुसलमानों को जब सन् १९४७ में सहजता से दे दिया तो अब उन्हें अपने पवित्र तीर्थस्थान अयोध्या, मथुरा और काशी के लिए भीख क्यों मागनी पड़ती है?

श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों के कल्याण हेतु दी गयी दान-राशि मुस्लिमों व ईसाइयों के कल्याण के लिए खर्च की जाती है। क्या इसी प्रकार मदरसों व चर्चों के द्वारा संग्रहित धन राशि हिन्दुओं के कल्याण में खर्च की जाती है?

जब यूनिफार्म स्कूली बच्चों के लिए जरूरी है, तो नागरिकों को लिए समान नागरिक कानून क्यों नहीं?

यदि महाराष्ट्र, गुजरात, उ. प्रदेश, बिहार, केरल आदि भारत के अभिन्न अंग हैं, तो फिर जम्मू-कश्मीर क्या है? क्या वहाँ धारा ३७० उचित है?

गाँधी जी ने खिलाफत आन्दोलन का सर्मथन क्यों किया? जबकि उस आंदोलन का देश की स्वतंत्रता से कोई लेना - देना नहीं था।

सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के समय गाँधीजी ने मंत्रिमंडल के निर्णय का विरोध कर - ‘पुनर्निर्माण सरकारी पैसे से न होकर जनता के पैसे से हो,‘ ऐसा कहा था। जबकि जनवरी १९४८ में दिल्ली की एक मस्जिद का निर्माण सरकारी पैसे से कराने के लिए पं. नेहरू और सरदार पटेल पर उन्होंने दबाव डाला था। क्यों?

यदि मुसलमान व क्रिश्चियन महाराष्ट्र, उ. प्रदेश, बिहार, उत्तरांचल, हरियाणा, पंजाब आदि में अल्पसंख्यक हैं तो क्या मिजोरम, नागालैण्ड, जम्मू-कश्मीर, मेघालय आदि राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक नहीं? फिर क्यों नहीं उन्हें (हिन्दुओं को) भी अल्पसंख्यकों के समान अधिकार दिये जाते हैं?

क्या आप को लगता है कि हिन्दुओं के लिए कोई समस्या है या फिर हिन्दू कहना ही स्वंय में एक समस्या है?

. गोधरा पर इतना शोर क्यों जब कि चार लाख विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं के बारे में कोई कुछ नहीं बोलता? क्या गोधरा में ५९ हिन्दुओं के नरसंहार के लिए कोई आयोग नहीं?

सन् १९४७ में जब भारत का विभाजन हुआ तब पाकिस्तान में हिन्दुओं की जनसंख्या २४ प्रतिशत थी जो अब १ प्रतिशत रह गयी है। इसी प्रकार पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) में हिन्दू ३० प्रतिशत थे जो अब मात्र ७ प्रतिशत रह गया है। अर्थात इन देशों में हिन्दू मारे गए और भगा दिए गये।

क्या परिवार नियोजन का नारा सिर्फ हिन्दुओं के लिए ही है?

आप विचार करें :- यहाँ मस्जिद धर्मनिरपेक्ष जबकि मंदिर साम्प्रदायिक - इमाम धर्मनिरपेक्ष, साधु-संत सांप्रदायिक - बीजेपी सांप्रदायिक, मुस्लिम लीग धर्मनिरपेक्ष -  डाॅ. प्रवीण भाई तोगडि़या सांप्रदायिक (देशद्रोही), इमाम बुखारी धर्मनिरपेक्ष (देशप्रेमी), - वंदे मातरम् सांप्रदायिक, अल्लाह हो अकबर धर्मनिरपेक्ष- श्रीमान सांप्रदायिक, मिंया धर्मनिरपेक्ष - राम कृष्ण सांप्रदायिक, रहीम, अल्लाह, व जिसस धर्मनिरपेक्ष - हिन्दू वादी साम्प्रदायिक, इस्लामी धर्मनिरपेक्ष - हिन्दुत्व सांप्रदायिक, जिहादी धर्मनिरपेक्ष - और अंत में हिन्दुस्थानी कहना सांप्रदायिक, जबकि इटालियन कहना धर्म निरपेक्ष है।

यदि क्रिश्चियन व मुस्लिम स्कूलों में बाइबिल व कुरान पढ़ाई जाती है तो फिर हिन्दू अपनी पाठशालाओं में गीता व रामायण क्यों नहीं पढ़ा सकते हैं?

यदि अब्दुल रहमान अंतुले प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर, प्रभादेवी (मुंबई) के संरक्षक (ट्रस्टी) हो सकते हैं% तो क्या एक हिन्दू, किसी मस्जिद या मदरसे का संरक्षक बन सकते है?

शंकराचार्य को गिरफ्तार किया जा सकता है। डाॅ. प्रवीण तोगाडि़या पर झूठे आरोप तय कर कई बार उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। किन्तु जामा मस्जिद (दिल्ली) का शाही इमाम अहमद बुखारी जो स्वयं को आई. एस. आई का एजेंट बता कर भारत सरकार व हिन्दुओं को खुली चुनौती देता है, उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाता?

हज के लिए रियायत दी जाती है जबकि हिन्दू तीर्थ यात्रियों (अमरनाथ, कैलाश और सबरीमलय आदि) पर यात्रा कर लगाया जाता है। क्यों?

केरल प्रदेश के विधायक, सांसद व मंत्रीगण ‘अल्ला‘ और ‘जिसस‘ के नाम से शपथ लेते हैं, जो असंवैधानिक है। क्या हिन्दू ‘राम‘ या ‘कृष्ण‘ के नाम से शपथ ले सकते हैं?

अरबी भाषा की उन्नति के लिए तो भारत सरकार सहायता देती है। परन्तु ‘संस्कृत‘ के लिए नहीं। क्या संस्कृत की अपेक्षा अरबी अधिक राष्ट्रीय है?

असम में आई.एम.डी धारा बांगलादेशीय मुसलमानों को भारत में बसने और नागरिकता प्रदान करने में सहायक है जब कि भारतीय जम्मू-कश्मीर में नहीं बस सकते। यह दोहरी नीति क्यों?

एक करोड़ जम्मू-कश्मीर निवासियों को २४,००० करोड़ की सहायता अर्थात् प्रति व्यक्ति रु.२४,००० की सहायता, जबकि अन्य प्रदेशों के लोगों को प्रतिव्यक्ति इसका ५ प्रतिशत भी नहीं। कहीं यह अराष्ट्रीय तत्वों को पुरस्कार तो नहीं है?

यदि चित्रकारी गैर इस्लामिक है, तो एम.एफ हुसैन के खिलाफ फतवा क्यों नहीं जारी किया गया कभी जबकि वे अपनी चित्रकारी के द्वारा गैर इस्लामिक कार्य कर रहे हैं?

यदि गाना-बजाना और नाचना गैर इस्लामिक है, तो सिनेमा के क्षेत्र में शामिल खानों की भीड़ के विरुद्ध फतवा क्यों नहीं जारी किया जाता? क्या वे फतवा से अपनी कलाकारी छोड़ देंगे या इस्लाम?

क्या आप सोचते हैं, जब भारत में मुसलमान बहुसंख्यक हो जाएँगे, तो यहाँ धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र कायम रहेगा?

जब दीपावली ह्वाइट हाउस (White House), हाउस आॅफ काॅमंस (House of Commons) और आस्ट्रेलिया की संसद में मनाई जा सकता है, तो भारतीय संसद में क्यों नहीं? क्या हम अमेरिका, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया से अधिक धर्मनिरपेक्ष हैं?

यदि साम्प्रदायिक दंगे आर.एस.एस., वी.एच.पी और बजरंग दल के कारण ही होते हैं, तो बांग्लादेश, पाकिस्तान, सऊदी अरब, इराक, इरान, टर्की, अफगानिस्तान, सीरिया, इंडोनेशिया, चेचन्या, चीन, रूस, इंग्लैंड, फ्रांस स्पेन, साइप्रस इत्यादि देशों में साम्प्रदायिक दंगे क्यों होते हैं? वहाँ तो ये संगठन नहीं हैं।

यदि इस्लाम शांति प्रिय मजहब है तो कुरान की पढ़ाई और बंदूक चलाने का प्रशिक्षण साथ-साथ क्यों?

मुस्लिम मानसिकता के बारे में आप क्या कहेंगे? वे भारत, अमेरिका, इंग्लैंड व फ्रांस जैसे प्रजातंत्रिक देश में रहते हुए स्वतंत्रता का आनन्द उठा रहे हैं और फिर भी इन देशों को इस्लामिक देश बनाने की कोशिश में हैं जहाँ वे तमाम स्वतंत्रताओं से वंचित हो जाएँग


कुरान बातचीत में विश्वास ही नहीं करता। कुरान काफिरों को युद्ध में परास्त करने में ही विश्वास करता है। फिर भी क्या आप सोचते हैं कि अयोध्या समस्या बातचीत से हल हो जायेगी?

क्या इस्लाम व ईसाइयत सर्वधर्म समभाव में विश्वास करते हैं? यदि हाँ, तो यह धर्म परिवर्तन क्यों?

क्या आप को विश्वास है कि इस्लाम और ईसाइयत राजनीतिक विचार धारा है जो देश को हथियाना चाहते हैं। वे अपने मुल्लाओं और फादरों के द्वारा स्थानीय लोगों का धर्म परिवर्तन और सांस्कृतिक मूल्यों का विनाश कर, वह करना चाहते हैं जो स्थल, जल और वायु सेना भी नहीं कर सकती।

क्या आप एक भी मुसलमान का नाम बता सकते हैं, जो ‘अल्ला ईश्वर तेरोनाम‘ का भजन गाता है?

क्या आप जानते हैं कि ‘धर्मनिरपेक्ष मुस्लिम‘ अपने आप में एक गलत शब्द प्रयोग है? एक आदमी या तो धर्मनिरपेक्ष हो सकता है या मुसलमान परन्तु दोनों एक साथ संभव नहीं है। मुसलमान वह है जो केवल अल्लाह में विश्वास करता है। वह अल्लाह के अतिरिक्त दूसरे भगवानों में विश्वास कर ही नहीं सकता।

संयुक्त राष्ट्रसंघ के कथनानुसार पूरी जनसंख्या के १० प्रतिशत से कम आबादी वाले लोग ही अल्पसंख्यक हो सकते हैं, तो भारत में लगभग 18 से 20 प्रतिशत मुसलमानों को अल्पसंख्यक कहना कहाँ तक उचित है?

चीन को सन् १९६२ का आक्रमणकारी न कहने वाले कम्युनिस्टों के देश प्रेम पर क्या आपको विश्वास है?

कम्युनिस्टों का सिद्धांत है कि भारत पुराने रूस की तरह एक राष्ट्र न होकर अनेक राष्ट्रों का समूह है। इसलिए भारत का विघटन हो कर रहेगा। क्या आप इससे सहमत हैं?

हिन्दू बहुल क्षेत्र में एक मुस्लिम परिवार अमन-चैन से रह सकता है। परन्तु मुस्लिम बहुल क्षेत्र में एक हिन्दू परिवार नहीं रह सकता। क्यों?

हिन्दू बहुल भारत, वर्षों से सेक्युलर है और मुस्लिम बहुल देश केवल इस्लामिक देश है और वहाँ अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार भी प्राप्त नहीं है।
ईसाई मिशनरियाँ मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जाकर अपनी सामाजिक सेवाएँ क्यों नहीं शुरू करती? क्या इसलिए कि वहाँ उन्हें पर्याप्त प्रतिसाद नहीं मिलेगा?

क्या आपको मालूम है कि भारत के अतिरिक्त अन्य कोई दूसरा देश नहीं है जो बांग्लादेशियों की घुसपैठ को आश्रय देता है। बिहार, यू.पी और पश्चिम बंगाल की सरकारें उनको राॅशन कार्ड उपलब्ध करा कर वहाँ का वोटर भी बना देती है।

दंगे अधिकतर शुक्रवार की नमाज के बाद ही भड़कते हैं (जैसे मराड, केरल में) क्या इसका कारण इमामों की आग उगलने वाली तकरीरें तो नहीं है?

सभी हिन्दू बहुल क्षेत्रों में शांति रहती है। लेकिन जहाँ हिन्दू अल्प मत में हैं वहाँ अशांति व समस्याएँ ही समस्याएँ रहती है। जैसे जम्मू-कश्मीर, उत्तर पूर्वांचल इत्यादि। ऐसा क्यो

क्या आप इससे सहमत हैं कि सभी राजनीतिक दलों की नीतियाँ देश के लोगों को एकता व एकात्मता के सूत्र में बाँधने में असमर्थ हैं?

क्या आप को मालूम है कि भारत की लगभग २५ लोकसभा और १२० विधान सभा की सीटों में अवैध स्थान्तरित मुस्लिम जनसंख्या निर्णायक भूमिका में होती है; और वे एक दल के पक्ष में जो सरकार बनाने की स्थिति में होती है; चाहे वह काँग्रेस, आर.जे.डी., एस.पी., एम.एल या कम्युनिस्ट हो; थोक मतदान करते हैं।

क्या आपको मालूम है कि तथाकथित सेक्युलर मौलाना वहिदुद्दीन को जब कारगिल में लड़ रहे भारतीय जवानों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने के लिए कहा गया तब उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और कहा कि मुसलमानांे के खिलाफ लड़ने वालों के लिए मैं दुआ नहीं कर सकता। (ऐसे व्यक्ति की शव यात्रा में सोनिया और प्रियंका शरीक हुई थीं)।

जम्मू-कश्मीर की लड़की से शादी कर एक पाकिस्तानी भारतीय बन सकता है, परन्तु यदि वही लड़की जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त किसी भारतीय से शादी करती है तो उसकी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता समाप्त हो जाती है। यह कैसा कानून है?

उच्चतम न्यायालय विश्व हिन्दू परिषद से अयोध्या के केस में उस केस से उसका क्या संबंध है, सवाल पूछ सकता है। परन्तु ठीक उसी प्रकार उच्चतम न्यायालय बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी या आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड से वैसा सवाल नहीं पूछता। क्या यह उच्चतम न्यायालय का दोहरा मापदंड नहीं है?

अयोध्या विवाद में हिन्दुओं को कानूनी फैसले को मानने की सलाह दी जाती है। क्या आपको मालूम है कि उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के फैसले को निरस्त करने के लिए कई बार संविधान में संशोधन करना पड़ा है? शाह बानो और इंदिरा गांधी प्रकरण इसके उदाहरण हैं।


वाराणसी में शिया और सुन्नी मुसलमानो के बीच कब्रगाह भूमि के विवाद के केस में उच्चतम न्यायालय के सन् १९८६ के फैसले को कार्यान्वित करने में उ.प्र. सरकार ने इन्कार कर दिया था और कर्नाटक सरकार ने कावेरी जल विवाद पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को अमान्य कर दिया था क्या ये सही हुआ?

जम्मू-कश्मीर के भू.पू. मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला जिन्होंने क्रिश्चियन लड़की से शादी की है; अपने पुत्र उमर अब्दुला; जिनकी शादी एक हिन्दू लड़की से हुई; की शादी में खुशी-खुशी उपस्थित रहे। परन्तु जब उनकी लड़की ने एक हिन्दू लड़के के साथ शादी की तो उस शादी में वे शरीक नहीं हुए और उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की। क्या धर्म निरपेक्षता की यही पहचान है?

क्या आप कभी मुस्लिम मोहल्ले में गए हैं? यदि नहीं; तो कृपया आप मुंब्रा (मुंबई) या मल्लपुरम् (केरल) में एक बार जाकर जरूर वहाँ की स्थिति का अवलोकन करें। यदि आप सचमुच में सेक्युलरिस्ट हैं तो आप को बहुत अच्छा अनुभव होगा।

. जब इस्लाम और धर्मनिरपेक्षता या प्रजातंत्र का आपस में कोई सामंजस्य नहीं है तो बेचारे हिन्दुओं को इस तथ्य के प्रति क्यों बरगलाया जाता है?

कानूनन मानव शरीर का कोई अंग चुनाव चिह्न के रूप में मान्य नहीं है, तो कांग्रेस को ‘हाथ‘ चुनाव चिह्न क्यों दिया गया? क्या यह कानून क खिलाफ नहीं?े

यदि मुसलमान ‘समान नागरिक संहिता‘ नहीं चाहते तो क्या उन्हें कुरान की न्याय प्रक्रिया पसंद है, जिसमें आँख के बदले आँख, पैर के बदले में पैर, हाथ के बदले हाथ इत्यादि का प्रावधान है?

जम्मू-कश्मीर में हिन्दू मतदाता संसदीय चुनाव में तो वोट देते हैं परन्तु विधानसभा चुनाव में उन्हें मताधिकार प्राप्त नहीं है। क्यों?

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल ६ वर्ष का है जब कि अन्य विधान सभाओं का ५ वर्ष। ऐसा क्यों?

क्या आप महाराष्ट्र के प्रतापगढ़ में अफजल खाँ; जो छत्रपति शिवाजी को मारने के लिए आया था, का स्मारक बनाना पसंद करेंगे?
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दोस्तों ये बात हमेशा याद रखना
दिमाग से और अपने फायदे के लिए बनाये हुए रिश्ते बाजार तक ही चलते है और दिल से बनाये हुए रिश्ते श्मशान तक चलते है
अब खुद सोचो किस तरह के रिश्ते अपके लिए फायदेमंद है.
+Swati Rajput
+Subhash
+Satish jaiswal
+Govi Balan
+Deepa Verma
+Sushil Muskaan
🚩🚩जय श्री राम 🚩 🚩 
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एक हिंदू को ये संदेश जरूर पढ़ना चाहिए....इस मैसेज को लाइक कमेंट ना करो तो कोई बात नहीं पर पढ़ना जरूर अपके ओर अपके बच्चों के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है ये.
सन 2050 मेँ यही होगा....।
एक मुस्लिमअपने बच्चे के साथ चिड़िया घर देखने गया.।
बच्चे को पता नहीं था किस जानवर का क्या नाम है तो अपने बाप से पूछ लेता था सबसे पहले बच्चे ने हाथी को देखा उसके बाप ने बच्चे को हाथी की जानकारी बता दी उसके बाद बच्चे ने एक भालू देखा तो बाप ने भालू की जानकारी भी बता दी.

उसके बाद बच्चे ने एक पिंजरे मे दो हाथ दो पैर और इन्सानो की तरह दिखने वाला एक जानवर देखा तो बच्चे ने बाप से पूछा अब्बू ये कौन है ?

तो उसके बाप ने कहा बेटा ये हिन्दू है इसे हिन्दू होने का बहुत गर्व था क्यूंकि ये संसार की सबसे समृद्ध संस्कृति
का हिस्सा था। पर ये कभी आपस मे मिलकर नहीं रहते थे,

इनके अपने भाई- भाई मे कभी नहीं बनती थी हमेशा एक दूसरे पर
कीचड़ उछालते रहते थे ।

कोई कहता था मैं क्षत्रिय हूँ, तो
कोई कहता था मै जाट हुँ तो कोई कहता मै बामन (ब्राह्मण) हुँ
कोई कहता मै बनिया (वैश्य) हुँ
तो कोइ कहता मै राजपूत हुँ, कोई कहता था कि मैं तो दलित हूँ, पर
कोई ये नहीं कहता था
कि हम सब हिन्दू हैं ।
ये अपने आप को शेर कहते थे
पर इनके किसी पड़ोसी को कोई मारने आता था तो अपने घर के दरवाजे पहले बंद कर लेते थे और सोचते थे कि पड़ोस वाले को मार रहे हैं मुझे क्या ।

ये हिन्दू यही सोचते थे कि अपने आगे 100 खड़े हे अपने पीछे
100 खड़े हैं तो मुझे कौन मार सकता है और हमने
इसी का फायदा उठाया ।

ये बेवकूफ ये नहीं सोचते
थे कि
जब आगे पीछे के 100-100
को हम मार देंगे तो एक दिन उसका भी नंबर आएगा हम हिन्दुओ को मारते रहे सब खत्म हो गए अब कुछ हिन्दू बचे है इनको हमने पिंजरे में कैद कर दिया है ताकि
तुम बच्चो को बता सके
कि कभी इस धरती पर
हिन्दू का राज था और
अब हमारा है ।

जागो हिन्दूओं जागो अकेला मोदी क्या - क्या करेगा 100 करोड़ हिन्दुओं के लिए अकेला मोदी खड़ा है ,अगर अब साथ न दिया तो कभी न दे पाओगे ।।।

इस मैसेज को लाइक कमेंट ना करो तो कोई बात नहीं है पर शेयर जरूर करे फैलाए इस संदेश को सारे हिंदू भाई बहन मिल कर एकजुट होकर रहे.

हिंदुत्व रक्षक जय श्री राम 🚩 जय हिंदूत्व 🚩 
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सिर्फ लफ़्ज़ों को न सुनो, कभी आँखें भी पढो ..
कुछ सवाल बड़े खुद्दार हुआ करते है…
गनतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. 
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सनातन धर्म क्या है?? इसे लाइक कमेंट ना करे पर पढे जरूर अगर पसंद आए तो शेयर जरूर करे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे फैलाए सबको बताये
🚩 जय श्री राम 🚩🚩 जय सनातन धर्म 🚩

'यह पथ सनातन है। समस्त देवता और मनुष्य इसी मार्ग से पैदा हुए हैं तथा प्रगति की है। हे मनुष्यों आप अपने उत्पन्न होने की आधाररूपा अपनी माता को विनष्ट न करें।'- (ऋग्वेद-3-18-1) 

सनातन का अर्थ है जो शाश्वत हो, सदा के लिए सत्य हो। जिन बातों का शाश्वत महत्व हो वही सनातन कही गई है। जैसे सत्य सनातन है। ईश्वर ही सत्य है, आत्मा ही सत्य है, मोक्ष ही सत्य है और इस सत्य के मार्ग को बताने वाला धर्म ही सनातन धर्म भी सत्य है। वह सत्य जो अनादि काल से चला आ रहा है और जिसका कभी भी अंत नहीं होगा वह ही सनातन या शाश्वत है। जिनका न प्रारंभ है और जिनका न अंत है उस सत्य को ही सनातन कहते हैं। यही सनातन धर्म का सत्य है। वैदिक या हिंदू धर्म को इसलिए सनातन धर्म कहा जाता है, क्योंकि यही एकमात्र धर्म है जो ईश्वर, आत्मा और मोक्ष को तत्व और ध्यान से जानने का मार्ग बताता है। मोक्ष का कांसेप्ट इसी धर्म की देन है। एकनिष्ठता ध्यान, मौन और तप सहित यम-नियम के अभ्यास और जागरण का मोक्ष मार्ग है अन्य कोई मोक्ष का मार्ग नहीं है। मोक्ष से ही आत्मज्ञान और ईश्वर का ज्ञान होता है। यही सनातन धर्म का सत्य है। सनातन धर्म के मूल तत्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान, जप, तप, यम-नियम आदि हैं जिनका शाश्वत महत्व है। अन्य प्रमुख धर्मों के उदय के पूर्व वेदों में इन सिद्धान्तों को प्रतिपादित कर दिया गया था।

।।ॐ।।असतो मा सदगमय, तमसो मा ज्योर्तिगमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय।।- वृहदारण्य उपनिषद

भावार्थ : अर्थात हे ईश्वर मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो, अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। मृत्यु से अमृत की ओर ले चलो। 

जो लोग उस परम तत्व परब्रह्म परमेश्वर को नहीं मानते हैं वे असत्य में गिरते हैं। असत्य से मृत्युकाल में अनंत अंधकार में पड़ते हैं। उनके जीवन की गाथा भ्रम और भटकाव की ही गाथा सिद्ध होती है। वे कभी अमृत्व को प्राप्त नहीं होते। मृत्यु आए इससे पहले ही सनातन धर्म के सत्य मार्ग पर आ जाने में ही भलाई है। अन्यथा अनंत योनियों में भटकने के बाद प्रलयकाल के अंधकार में पड़े रहना पड़ता है। 

।।ॐ।। पूर्णमद: पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।।- ईश उपनिषद

भावार्थ : सत्य दो धातुओं से मिलकर बना है सत् और तत्। सत का अर्थ यह और तत का अर्थ वह। दोनों ही सत्य है। अहं ब्रह्मास्मी और तत्वमसि। अर्थात मैं ही ब्रह्म हूँ और तुम ही ब्रह्म हो। यह संपूर्ण जगत ब्रह्ममय है। ब्रह्म पूर्ण है। यह जगत् भी पूर्ण है। पूर्ण जगत् की उत्पत्ति पूर्ण ब्रह्म से हुई है। पूर्ण ब्रह्म से पूर्ण जगत् की उत्पत्ति होने पर भी ब्रह्म की पूर्णता में कोई न्यूनता नहीं आती। वह शेष रूप में भी पूर्ण ही रहता है। यही सनातन सत्य है।

जो तत्व सदा, सर्वदा, निर्लेप, निरंजन, निर्विकार और सदैव स्वरूप में स्थित रहता है उसे सनातन या शाश्वत सत्य कहते हैं। वेदों का ब्रह्म और गीता का स्थितप्रज्ञ ही शाश्वत सत्य है। जड़, प्राण, मन, आत्मा और ब्रह्म शाश्वत सत्य की श्रेणी में आते हैं। सृष्टि व ईश्वर (ब्रह्म) अनादि, अनंत, सनातन और सर्वविभु हैं। 

जड़ पांच तत्व से दृश्यमान है- आकाश, वायु, जल, अग्नि और पृथ्वी। यह सभी शाश्वत सत्य की श्रेणी में आते हैं। यह अपना रूप बदलते रहते हैं किंतु समाप्त नहीं होते। प्राण की भी अपनी अवस्थाएं हैं: प्राण, अपान , समान और यम। उसी तरह आत्मा की अवस्थाएं हैं: जाग्रत, स्वप्न, सुसुप्ति और तुर्या। ज्ञानी लोग ब्रह्म को निर्गुण और सगुण कहते हैं। उक्त सारे भेद तब तक विद्यमान रहते हैं जब तक ‍कि आत्मा मोक्ष प्राप्त न कर ले। यही सनातन धर्म का सत्य है।

ब्रह्म महाआकाश है तो आत्मा घटाकाश। आत्मा का मोक्ष परायण हो जाना ही ब्रह्म में लीन हो जाना है इसीलिए कहते हैं कि ब्रह्म सत्य है जगत मिथ्‍या यही सनातन सत्य है। और इस शाश्वत सत्य को जानने या मानने वाला ही सनातनी कहलाता है। 

हिंदुत्व : ईरानी अर्थात पारस्य देश के पारसियों की धर्म पुस्तक 'अवेस्ता' में 'हिन्दू' और 'आर्य' शब्द का उल्लेख मिलता है। दूसरी ओर अन्य इतिहासकारों का मानना है कि चीनी यात्री हुएनसांग के
समय में हिंदू शब्द की उत्पत्ति ‍इंदु से हुई थी। इंदु शब्द चंद्रमा का पर्यायवाची है। भारतीय ज्योतिषीय गणना का आधार चंद्रमास ही है। अत: चीन के लोग भारतीयों को 'इन्तु' या 'हिंदू' कहने लगे। कुछ विद्वान कहते हैं कि हिमालय से हिन्दू शब्द की उत्पत्ति हुई है। हिन्दू कुश पर्वत इसका उदाहरण है। हिन्दू शब्द कोई अप्रभंश शब्द नहीं है अन्यथा सिंधु नदि को भी हिन्दू नहीं कहा जाता। 

आर्यत्व : आर्य समाज के लोग इसे आर्य धर्म कहते हैं, जबकि आर्य किसी जाति या धर्म का नाम न होकर इसका अर्थ सिर्फ श्रेष्ठ ही माना जाता है। अर्थात जो मन, वचन और कर्म से श्रेष्ठ है वही आर्य है। बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्य का अर्थ चार श्रेष्ठ सत्य ही होता है। बुद्ध कहते हैं कि उक्त श्रेष्ठ व शाश्वत सत्य को जानकर आष्टांगिक मार्ग का अनुसरण करना ही 'एस धम्मो सनंतनो' अर्थात यही है सनातन धर्म।

इस प्रकार आर्य धर्म का अर्थ श्रेष्ठ समाज का धर्म ही होता है। प्राचीन भारत को आर्यावर्त भी कहा जाता था जिसका तात्पर्य श्रेष्ठ जनों के निवास की भूमि था। 

सनातन मार्ग : विज्ञान जब प्रत्येक वस्तु, विचार और तत्व का मूल्यांकन करता है तो इस प्रक्रिया में धर्म के अनेक विश्वास और सिद्धांत धराशायी हो जाते हैं। विज्ञान भी सनातन सत्य को पकड़ने में अभी तक कामयाब नहीं हुआ है किंतु वेदांत में उल्लेखित जिस सनातन सत्य की महिमा का वर्णन किया गया है विज्ञान धीरे-धीरे उससे सहमत होता नजर आ रहा है। 

हमारे ऋषि-मुनियों ने ध्यान और मोक्ष की गहरी अवस्था में ब्रह्म, ब्रह्मांड और आत्मा के रहस्य को जानकर उसे स्पष्ट तौर पर व्यक्त किया था। वेदों में ही सर्वप्रथम ब्रह्म और ब्रह्मांड के रहस्य पर से पर्दा हटाकर 'मोक्ष' की धारणा को प्रतिपादित कर उसके महत्व को समझाया गया था। मोक्ष के बगैर आत्मा की कोई गति नहीं इसीलिए ऋषियों ने मोक्ष के मार्ग को ही सनातन मार्ग माना है। 

मोक्ष का मार्ग : धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष में मोक्ष अंतिम लक्ष्य है। यम, नियम, अभ्यास और जागरण से ही मोक्ष मार्ग पुष्ट होता है। जन्म और मृत्यु मिथ्‍या है। जगत भ्रमपूर्ण है। ब्रह्म और मोक्ष ही सत्य है। मोक्ष से ही ब्रह्म हुआ जा सकता है। इसके अलावा स्वयं के अस्तित्व को कायम करने का कोई उपाय नहीं। ब्रह्म के प्रति ही समर्पित रहने वाले को ब्राह्मण और ब्रह्म को जानने वाले को ब्रह्मर्षि और ब्रह्म को जानकर ब्रह्ममय हो जाने वाले को ही ब्रह्मलीन कहते हैं। 

विरोधाभासी नहीं है सनातन धर्म : 
http://www.faadustatus.com/2017/01/jay-shree-ram.html
सनातन धर्म के सत्य को जन्म देने वाले अलग-अलग काल में अनेक ऋषि हुए हैं। उक्त ऋषियों को दृष्टा कहा जाता है। अर्थात जिन्होंने सत्य को जैसा देखा, वैसा कहा। इसीलिए सभी ऋषियों की बातों में एकरूपता है। जो उक्त ऋषियों की बातों को नहीं समझ पाते वही उसमें भेद करते हैं। भेद भाषाओं में होता है, अनुवादकों में होता है, संस्कृतियों में होता है, परम्पराओं में होता है, सिद्धांतों में होता है, लेकिन सत्य में नहीं। 

हम में से बहुत सारे लोगो सनातन के बारे में नहीं पता रहा होगा.. अगर आप चाहे तो शेयर करके और सभी सनातनियों को ये बता सकते है..
इसे लाइक कमेंट ना करे पर पढे जरूर अगर पसंद आए तो शेयर जरूर करे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे फैलाए सबको बताये
🚩 जय श्री राम 🚩🚩 जय सनातन धर्म 🚩
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देखो UP में हिंदूऔ की मूर्खता शर्म करो हिन्दुओ अब नहीं तो कब जागना है.. इस पोस्ट को लाइक या कमेंट करने की जरूरत नहीं है बस एक बार पढ़ो ओर समझो..

हिंदुओं के यूपी में एकजुट नही होने
का परिणाम !
1992 मेँ 27 मुस्लिम विधायक,
1997 मेँ 38 मुस्लिम विधायक,
2002 मेँ 45 मुस्लिम विधायक,
2007 मेँ 55 मुस्लिम विधायक,
2012 मेँ 68 मुस्लिम विधायक,
कृतघ्न हिन्दू सपाइयोँ,बसपाइयोँ एवं कांग्रेसियोँ,
इन्हेँ चुनकर इनका मनोबल बढ़ाओ और गाजर
मूली की भाँति कटते रहो,
अपनी दुर्गति कराते रहो।
ताकि 2022 के चुनाव मेँ सारे विधायक मुस्लिम
हो जाये और दूसरा पाकिस्तान तैयार हो जाये,
ताकि तुम्हारी आगामी पीढ़ी भी इस्लाम स्वीकार
करने को विवश हो जाये।
दिल्ली,बिहार,बंगाल में हिन्दू एकजुट नही
होने का दुष्परिणाम हिन्दू भुगत ही रहे हैं।
अभी तो यूपी में कुछ कैराना ही बने हैं।
एकजुट नही हुए तो आगामी बर्षों में यूपी
भी कश्मीर बनेगा।
Note- भाजपा ने UP मे एक भी मूस्लिम उम्मीदवार नही उतारा है,

अब देखना है कि UP के हिंदू भाजपा को वोट देने की समझदारी करेंगे या गैर भाजपा को वोट देने की महा मूर्खता
जय महाकाल 🚩🚩 🚩 🚩 जय श्री राम 🚩 🚩 🚩 🚩
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