Profile cover photo
Profile photo
Asha Joglekar
643 followers
643 followers
About
Communities and Collections
View all
Posts

Post has attachment
जिंदगी
हर पल तो नही पर हर घंटे लेती है इम्तहान, ये हमारी जिंदगी जो बनाना चाहती है हमें महान। पर हम साधारण से मानव कोई राम या धर्मराज तो नही जो सफल हों हर इम्तहान में और तैयार हों अगले के लिये। हम होते हैं कभी सफल तो कभी असफल और भुगतते हैं परिणाम अपने ठीक से तैयार ...
Add a comment...

Post has attachment
**
कितने दिन हो गये हैं देस छोडे हुए हैं। पडे परदेस में हैं, अजब से वेश में हैं। न चुन्नी और न आँचल पेंट शर्ट में खडे हैं। याद आती है घर की अपने दिल्ली शहर की। वहाँ के भीड भडक्के और लोगों के वे धक्के। वो त्यौरियाँ चढाना वो दस बातें सुनाना। और किसी का वो कहना ब...
Add a comment...

Post has attachment
मज़ा
सुनो, सुन रहे हो ना सुनो मेरा गीत जो आ जाता है होठों पर सिर्फ दुम्हारे लिये । सुनो पुकार रही हूँ मै तुम्हें दिखाना चाहती हूँ अपने हाथों में सद्य खिला गुलाब जिसकी ताजगी आजाती है मेरे चेहरे पर तुम्हें देखते ही। सुनो तुम्हारे ्क झलक के लिये कितना तरसी हूँ मैं ...
Add a comment...

Post has attachment
ठहराव
भँवर में फँसी थी नाव नाव में फँसा था पाँव अनुकूल ना थी हवा माकूल ना थी दवा गर्त में था गहरा खिंचाव। घबराहट चेहरेपर धडधडाहट थी दिल में कैसे निकले मुश्किल से छटपटाहट थी मन में दूर था किनारे का गाँव। समय चल रहा था खराब मुश्किलों का न कोई हिसाब कोई न तरकीब ऐसी ...
Add a comment...

Post has attachment
Hey! I recommend you Word Charm, a free and fun word search game, relaxing and challenging! Click here to download: #WordCharm http://m.onelink.me/4778eff8
Word Charm
Word Charm
play.google.com
Add a comment...

Post has attachment
**
छह महीनों के लम्बे अंतराल के बाद मैं वापस पढ़ना लिखना शुरु कर रही हूँ। पहले आप सब को पढ़ूँ की फिर कुछ लिखूँगी भी। आशा है आप सबका सहयोग मिलता रहेगा। 
Add a comment...

Post has attachment
दर्द ओ ग़म तो
रंजों ग़म तो लाखों हैं इस ज़माने में, ख़ुशी को लेकिन अक्सर ढूँढना ही पड़ता है । रंजिशों गिलों की तो सदा बिछी हुई है बिसात मात देने को सिकंदर ही बनना पड़ता है। टी वी अख़बार तो छापते हैं बस बुरी ख़बरें अच्छी ख़बरों को बस कोने में घुसना पड़ता है। भूखे चेहेरों ...
Add a comment...

Post has attachment
कितने जतन किये
कितने जतन किये तुमसे मिलने के भिजवायें अनगिनत संदेसे चिठिया पत्तर भेज के देखे हवा पखेरू के संग अपने, दुखडे कथन किये कितने जतन किये। सखा तुम्हारे, सखियाँ मेरी दुखसे मोर जो थीं दुखियारी जा जा कर के पास तिहारे कष्ट निवेदन किये कितने जतन किये। तुम न पसीजे,तुम न...
Add a comment...

Post has attachment
Add a comment...

Post has attachment
बादलों के उस पार
बादलों के उस पार कोई तो जहाँ होगा, जहाँ हमारा भी इंतजार हो रहा होगा। खूबसूरत अलग से झरने होंगे, रंगों का कोई अनोखा सा समाँ होगा। हमारे संगी साथी जो यहाँ बिछुड गये, होंगे धुंआधार बारिशों से धुला
आसमाँ होगा। रुपये पैसे की जरूरत ही नही होगी, खाना पीना भी वहाँ ...
Add a comment...
Wait while more posts are being loaded