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Asha Joglekar
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कितने दिन हो गये हैं देस छोडे हुए हैं। पडे परदेस में हैं, अजब से वेश में हैं। न चुन्नी और न आँचल पेंट शर्ट में खडे हैं। याद आती है घर की अपने दिल्ली शहर की। वहाँ के भीड भडक्के और लोगों के वे धक्के। वो त्यौरियाँ चढाना वो दस बातें सुनाना। और किसी का वो कहना ब...
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मज़ा
सुनो, सुन रहे हो ना सुनो मेरा गीत जो आ जाता है होठों पर सिर्फ दुम्हारे लिये । सुनो पुकार रही हूँ मै तुम्हें दिखाना चाहती हूँ अपने हाथों में सद्य खिला गुलाब जिसकी ताजगी आजाती है मेरे चेहरे पर तुम्हें देखते ही। सुनो तुम्हारे ्क झलक के लिये कितना तरसी हूँ मैं ...
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ठहराव
भँवर में फँसी थी नाव नाव में फँसा था पाँव अनुकूल ना थी हवा माकूल ना थी दवा गर्त में था गहरा खिंचाव। घबराहट चेहरेपर धडधडाहट थी दिल में कैसे निकले मुश्किल से छटपटाहट थी मन में दूर था किनारे का गाँव। समय चल रहा था खराब मुश्किलों का न कोई हिसाब कोई न तरकीब ऐसी ...
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छह महीनों के लम्बे अंतराल के बाद मैं वापस पढ़ना लिखना शुरु कर रही हूँ। पहले आप सब को पढ़ूँ की फिर कुछ लिखूँगी भी। आशा है आप सबका सहयोग मिलता रहेगा। 
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दर्द ओ ग़म तो
रंजों ग़म तो लाखों हैं इस ज़माने में, ख़ुशी को लेकिन अक्सर ढूँढना ही पड़ता है । रंजिशों गिलों की तो सदा बिछी हुई है बिसात मात देने को सिकंदर ही बनना पड़ता है। टी वी अख़बार तो छापते हैं बस बुरी ख़बरें अच्छी ख़बरों को बस कोने में घुसना पड़ता है। भूखे चेहेरों ...
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कितने जतन किये
कितने जतन किये तुमसे मिलने के भिजवायें अनगिनत संदेसे चिठिया पत्तर भेज के देखे हवा पखेरू के संग अपने, दुखडे कथन किये कितने जतन किये। सखा तुम्हारे, सखियाँ मेरी दुखसे मोर जो थीं दुखियारी जा जा कर के पास तिहारे कष्ट निवेदन किये कितने जतन किये। तुम न पसीजे,तुम न...
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बादलों के उस पार
बादलों के उस पार कोई तो जहाँ होगा, जहाँ हमारा भी इंतजार हो रहा होगा। खूबसूरत अलग से झरने होंगे, रंगों का कोई अनोखा सा समाँ होगा। हमारे संगी साथी जो यहाँ बिछुड गये, होंगे धुंआधार बारिशों से धुला
आसमाँ होगा। रुपये पैसे की जरूरत ही नही होगी, खाना पीना भी वहाँ ...
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कितना कुछ
तारोंभरा आसमान निहारते हुए कितना कुछ याद आता है। परिक्षा के बाद गर्मी की छुट्टियों में रात छत पर फेद चादरों वाले बिस्तर पर बैठ कर बतियाना, परिक्षा खत्म होने की खुशी और साथ साथ नतीजे की प्रतीक्षा और तनाव वह  एकदूसरे को ढाढस बंधाना, हाथों को हाथ में लेकर। अचा...
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