Profile cover photo
Profile photo
रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
9,506 followers
9,506 followers
About
Posts

Post has attachment

Friday, April 27, 2018
"ग़म क्यों हमसाया है" (चर्चा अंक-2953)
मित्रों!
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
--
दोहे
"कारा उम्र तमाम"
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

उच्चारण
--
ग़म क्यों हमसाया है सभी का ?

Sahitya Surbhi पर Dilbag Virk
--
बलात्कार को बलात्कार रहने दो,
हिंदू मुस्लिम मत बनाओ

चौथाखंभा पर ARUN SATHI
--
Sri Padmavati Temple ,
Tiruchanur (Tirupati)

Dreams of Kailash पर
Naresh Sehgal
--
मेरा मन
राधा तिवारी' ' राधेगोपाल '

राधे का संसार
--
भारत प्रवेश के बाद:
बॉर्डर से दिल्ली

मुसाफ़िर हूँ यारों पर
नीरज मुसाफ़िर
--
मेरा अस्तित्व...
कुसुम कोठारी

विविधा.....पर yashoda Agrawal
--
हिन्दी अकादमी की मासिक पत्रिका -
इंद्रप्रस्थ भारती (मार्च 2018 )
में प्रकाशित कहानी -
मुख़्तसर सी बात

Sehar पर Ria Sharma
--
वह इतना सुलभ नहीं

लिखो यहां वहां पर विजय गौड़
--
माइक्रो पोस्ट -
मनुष्य पुरुषार्थ का पुतला है
और उसकी सामर्थ्य
और शक्ति का अंत नहीं है ...
समयचक्र पर महेंद्र मिश्र
--
मलेरिया दिवस,
आज मच्छरों को बचाना है
कि हटाना है ?

कुछ अलग सा पर गगन शर्मा
--
परख : अज्ञातवास की कविताएँ
(अविनाश मिश्र)


समालोचन पर arun dev
--
उस घडी का इंतजार
मुझे अब भी है-
Amarujala
मेरी जुबानी पर
Sudha's insights
--
अस्तित्व..... और अस्मिता बचाने की लडाई......
कुसुम कोठारी

मेरी धरोहर पर yashoda Agrawal
By रूपचन्द्र शास्त्री मयंक at April 27, 2018
--
http://charchamanch.blogspot.in/2018/04/2953.html
Add a comment...

Post has attachment
"ग़म क्यों हमसाया है" (चर्चा अंक-2953)
मित्रों!  शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- दोहे   "कारा उम्र तमाम"   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')    उच्चारण   -- ग़म क्यों हमसाया है सभी का ?   Sahitya Surbhi  पर  Dilbag Virk  -- बल...
Add a comment...

Post has attachment
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (27-04-2017) को <a href=<charchamanch.blogspot.in/" > "ग़म क्यों हमसाया है" (चर्चा अंक-2953) </a> पर भी होगी।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
Add a comment...

Post has attachment
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (27-04-2017) को <a href=<charchamanch.blogspot.in/" > "ग़म क्यों हमसाया है" (चर्चा अंक-2953) </a> पर भी होगी।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
Add a comment...

Post has attachment
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (27-04-2017) को <a href=<charchamanch.blogspot.in/" > "ग़म क्यों हमसाया है" (चर्चा अंक-2953) </a> पर भी होगी।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
Add a comment...

Post has attachment
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (27-04-2017) को <a href=<charchamanch.blogspot.in/" > "ग़म क्यों हमसाया है" (चर्चा अंक-2953) </a> पर भी होगी।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
Add a comment...

Post has attachment
गुरुवार, 26 अप्रैल 2018
दोहे "कारा उम्र तमाम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

बाबा बनकर कर रहे, लोग अनैतिक काम।
इसीलिए वो भोगते, कारा उम्र तमाम।।

सच्चाई छिपती नहीं, लगे भले ही देर।
फँस जाते हैं जाल में, दोषी सभी दिलेर।।

मन में कपट भरा हुआ, होठों पर हरि-नाम।
उसका ही फल भोगता, बापू आसाराम।।

मगर मीन का भेष धर, करता गन्दा ताल।
सजा मौत की दीजिए, उसको तो तत्काल।।

अनाचार की दे रहे, जो साधू तालीम।
करते हैं बदनाम वो, सचमुच राम-रहीम।।

भोली जनता का करें, शील भंग जो सन्त।
बना सख्त कानून अब, कर दो उनका अन्त।।

मत-मजहब के नाम पर, कर दो बन्द सवाल।
कभी न उगने दीजिए, नदियों में शैवाल।।

मत-मजहब के नाम पर, लड़वाना हो बन्द।
अपने-अपने धर्म के, बने सभी पाबन्द।।

--
http://uchcharan.blogspot.in/2018/04/blog-post_26.html
Add a comment...

Post has attachment
दोहे "कारा उम्र तमाम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
बाबा बनकर कर रहे,
लोग अनैतिक काम। इसीलिए वो भोगते,
कारा उम्र तमाम।। सच्चाई छिपती
नहीं, लगे भले ही देर। फँस जाते हैं जाल
में, दोषी सभी दिलेर।। मन में कपट भरा
हुआ, होठों पर हरि-नाम। उसका ही फल भोगता,
बापू आसाराम।। मगर मीन का भेष धर,
करता गन्दा त...
Add a comment...

Post has attachment

Thursday, April 26, 2018
चर्चा - 2952
आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है
à ¤†à ¤¸à ¤¾à ¤°à ¤¾à ¤® à ¤¦à ¥‹à ¤·à ¥€ à ¤•à ¤°à ¤¾à ¤°, à ¤¬à ¤¿à ¤Ÿà ¤¿à ¤¯à ¤¾ à ¤•à ¥‡ à ¤ªà ¤¿à ¤¤à ¤¾ à ¤¨à ¥‡ à ¤•à ¥‹à ¤°à ¥à ¤Ÿ à ¤•à ¤¾ à ¤•à ¤¿à ¤¯à ¤¾ à ¤§à ¤¨à ¥à ¤¯à ¤µà ¤¾à ¤¦
आसाराम बेटियों का सहारा

किसे सुनायें गीत

दूर हूँ....कि पास हूँ

हाइबन
My photo
आतंक का हाथ आंदोलन के साथ
My photo
तब मन तो, दुखता है ना ?

ग़म क्यों हमसाया है सभी का ?

तब और अब

हाइकु

हरी मटर की पौध

अस्तित्व

‘कोठेवालियां’ और सिनेमा का समाजशास्त्र

इन्द्रलोक-सा गोवा

बिछड़े सभी बारी बारी
धन्यवाद
दिलबागसिंह विर्क
By Dilbag Virk at April 26, 2018
--
http://charchamanch.blogspot.in/2018/04/2952.html
चर्चा - 2952
चर्चा - 2952
charchamanch.blogspot.com
Add a comment...

Post has attachment
बुधवार, 25 अप्रैल 2018
दोहे "किसे सुनायें गीत" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

चंचल मन में ईश का, दुर्लभ है संयोग।
भावशून्य हो चित्त जब, तब ही सम्भव योग।।

जन्म दिवस पर बाँटते, इष्ट-मित्र उपहार।
लेकिन घटते जा रहे, साल-महीने-वार।।

जिनके सूखे गात हैं, पीत हो गये पात।
उनको भी मधुमास में, मिल जाती सौगात।।

जीत-हार का खेल है, जीवन का संग्राम।
भावनाओं पर तो कभी, लगता नहीं विराम।।

मतलब में करते यहाँ, सभी लोग मनुहार।
सम्बन्धों में घट रहा, धीरे-धीरे प्यार।।

नहीं रहा वो समय अब, नहीं रहे वो मीत।
आपाधापी में यहाँ, किसे सुनायें गीत।।

बदल गये मौसम यहाँ, बदल गयी है रीत।
सरगम तो बदली नहीं, बदल गया संगीत।।
--
http://uchcharan.blogspot.in/2018/04/blog-post_25.html
Add a comment...
Wait while more posts are being loaded