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रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018
दोहे "मुख्य नाम है ओम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

व्यापक हो संसार में, धरती हो या व्योम।
जगतनियन्ता आपका, मुख्य नाम है ओम।।

रोम-रोम में जो रमा, पुलकित करता रोम।
नाम भले ही भिन्न हों, कण-कण में है ओम।।

वेदों के जो मन्त्र हैं, उनसे करना होम।
लेकिन पहले सभी के, उच्चारण हो ओम।।

सारे दिन शुभ दिवस हैं, मंगल हों या सोम।
रूढ़िवाद को छोड़ कर, भजो नियम से ओम।।

निठुर नहीं बनना कभी, रखना मन को मोम।
कहता वैदिक धर्म है, सत्य सनातन ओम।।

सहजयोग में मुख्य है, नित अनुलोम-विलोम।
सुमिरण करना ध्यान से, ध्यान योग में ओम।।
--
http://uchcharan.blogspot.in/2018/02/blog-post_57.html
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दोहे "मुख्य नाम है ओम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
व्यापक हो संसार
में, धरती हो या व्योम। जगतनियन्ता आपका,
मुख्य नाम है ओम।। रोम-रोम में जो
रमा, पुलकित करता रोम। नाम भले ही भिन्न
हों, कण-कण में है ओम।। वेदों के जो
मन्त्र हैं, उनसे करना होम। लेकिन पहले सभी
के, उच्चारण हो ओम।। सारे दिन शुभ दिवस
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मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018
गीत "सुधरा है परिवेश" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
मित्रों!
पढ़िए मेरा यह मधुमास पर आधारित गीत।

फागुन की फागुनिया लेकर, आया मधुमास!
पेड़ों पर कोपलियाँ लेकर, आया मधुमास!!

धूल उड़ाती पछुआ चलती, जिउरा लेत हिलोर,
देख खेत में सरसों खिलती, नाचे मन का मोर,
फूलों में पंखुड़िया लेकर, आया मधुमास!
पेड़ों पर कोपलियाँ लेकर, आया मधुमास!!

निर्मल नभ है मन चञ्चल है, सुधरा है परिवेश,
माटी के कण-कण में, अभिनव उभरा है सन्देश,
गीतों में लावणियाँ लेकर, आया मधुमास!
पेड़ों पर कोपलियाँ लेकर, आया मधुमास!!

छम-छम कानों में बजती हैं गोरी की पायलियाँ,
चहक उठी हैं, महक उठी हैं, सारी सूनी गलियाँ,
होली की रागनियाँ लेकर, आया मधुमास!
पेड़ों पर कोपलियाँ लेकर, आया मधुमास!!
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http://uchcharan.blogspot.in/2018/02/blog-post_20.html
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Tuesday, February 20, 2018
"सेमल ने ऋतुराज सजाया" (चर्चा अंक-2886)
मित्रों!
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
--
चिड़िया

मेरी भावनायें... पर रश्मि प्रभा.
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कविता
"सेमल ने ऋतुराज सजाया"

उच्चारण
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नहीं तो शामत सिर पर आई...

मुक्ताकाश....पर
आनन्द वर्धन ओझा
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डूबते गए - -

अग्निशिखा : पर Shantanu Sanyal
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चित्र काव्य : २

डॉ. हीरालाल प्रजापति का '' कविता-विश्व ''
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किताबों की दुनिया -165

नीरज पर नीरज गोस्वामी
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छत्रपति शिवाजी महाराज

VMW Team
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एकाकीपन की वेला

कविता "जीवन कलश" पर
purushottam कविता
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तवायफे --
गदर के बाद -
भाग पाँच

शरारती बचपन पर sunil kumar
--
खोई हरी टेकरी” के
जंगल को गाने दो !

ज्योति-कलश
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उनका सम्मान उनका हक है

प्रतिभा की दुनिया ...पर
Pratibha Katiyar
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अलाव
आओ, अलाव जलाएँ,
सब बैठ जाएँ साथ-साथ,
बतियाएँ थोड़ी देर,
बांटें सुख-दुख,
साझा करें सपने,
जिनके पूरे होने की
उम्मीद अभी बाक़ी है.
कविताएँ पर Onkar
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दोहे
''आलू है पर्याप्त ''
(राधा तिवारी)
Image result for आलू
सबजी में आलू रहा , पहले से सरताज ।
आलू के बिन है नहीं, बनता कोई काज।।

लौकी-कद्दू बन रहे, या बनता हो साग।
चलता सबके साथ में, आलू का ही राग...
राधे का संसार
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प्रलय.......
डॉ. जेन्नी शबनम

विविधा.....पर yashoda Agrawal
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तवायफे --
गदर से पहले -- भाग चार

शरारती बचपन पर sunil kumar
By रूपचन्द्र शास्त्री मयंक at February 20, 2018
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http://charchamanch.blogspot.in/2018/02/2886.html
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गीत "सुधरा है परिवेश" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
मित्रों! पढ़िए मेरा यह मधुमास पर आधारित गीत। फागुन की फागुनिया लेकर ,  आया मधुमास! पेड़ों पर कोपलियाँ लेकर ,  आया मधुमास!! धूल उड़ाती पछुआ चलती ,  जिउरा लेत हिलोर , देख खेत में सरसों खिलती ,  नाचे मन का मोर , फूलों में पंखुड़िया लेकर ,  आया मधुमास! पेड़ों प...
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"सेमल ने ऋतुराज सजाया" (चर्चा अंक-2886)
मित्रों! मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- चिड़िया   मेरी भावनायें...  पर  रश्मि प्रभा.  -- कविता   "सेमल ने ऋतुराज सजाया"     उच्चारण   -- नहीं तो शामत सिर पर आई...   मुक्ताकाश.... पर  आन...
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आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (20-02-2017) को <a href=<charchamanch.blogspot.in/" > "सेमल ने ऋतुराज सजाया" (चर्चा अंक-2886) </a> पर भी होगी।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
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आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (20-02-2017) को <a href=<charchamanch.blogspot.in/" > "सेमल ने ऋतुराज सजाया" (चर्चा अंक-2886) </a> पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
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जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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